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स्वतंत्रता दिवस: हरिद्वार में मौजूद है देश की आजादी के नायक भगत सिंह की फांसी का सबूत

Wed, 15 Aug 2018 09:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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bhagat singh
देश की आजादी के नायक सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सजा दी गई। यह कार्यवाही गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार के पुरातत्व संग्रहालय में सुरक्षित रखी  गई है।
 
 
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bhagat singh
कोर्ट ट्रायल की इस प्रति में मुकदमा शुरू होने से आरोप तय होने तक की पूरी कार्यवाही 1659 पृष्ठों पर दर्ज है। गौरतलब है कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव सहित 18 लोगों पर पांच मई 1930 को लाहौर कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था। 11 सितंबर 1930 को कोर्ट ने इन पर आरोप तय कर दिए। संग्रहालय के अधिकरियों द्वारा बताया कि भगत सिंह को फांसी की सजा सुनाए जाने वाला कोर्ट ट्रायल का हिस्सा गुरुकुल को नहीं दिया गया है।
 
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शहीद भगत सिंह - फोटो : ANI
कोर्ट ट्रायल की प्रति में जजों के नामों का जिक्र आया है। जज जीसी हिल्टन अधिकतर सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। उनके साथ अन्य जज के तौर पर कभी आगा हैदर तो कभी अब्दुल कादिर आदि बदलते रहे। अधिकतर कार्यवाही उर्दू भाषा में दर्ज की गई। यदा-कदा अंग्रेजी के शब्दों का प्रयोग भी किया गया है।
 

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gurukul kangri university
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की ओर से 2009 में लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कोर्ट ट्रायल की सत्यापित प्रतिलिपि की मांग की गई थी। लाहौर हाईकोर्ट ने 31 अगस्त 2009 को सत्यापित प्रतिलिपि विश्वविद्यालय को भेजी थी। प्रतिलिपि के हर पृष्ठ पर लाहौर हाईकोर्ट की मुहर लगी है।
 
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भगत सिंह
शहीद-ए-आजम पर लगाई गईं धाराएं
302- हत्या का आरोप
120- आपराधिक षड़यंत्र रचना
121- सरकार के खिलाफ युद्ध का षड्यंत्र
109- किसी अपराध के लिए उकसाना
 
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