अगर आप वाहन स्वामी हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लें। इग्नोर किया तो आपके पीछे पुलिस पड़ सकती है। वाहनों में फर्जी रूप से प्रेस, आर्मी, पुलिस व एडवोकेट आदि लिखाकर शहर में घूमने वालों की अब खैर नहीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने जा रही है।
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के कोटद्वार में फर्जी रूप से वाहन में प्रेस, आर्मी, पुलिस, एडवोकेट आदि लिखे वाहनों की बाढ़ आ गई है। कई बार वाहनों में प्रेस लिखाकर लोग इसका दुरुपयोग करते हुए पाए गए हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए अब पुलिस प्रशासन ने वाहनों की चेकिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत ऐसे वाहनों को रोककर पुलिस उसके चालक से वाहन में लगाए गए स्टीकर से संबंधित प्रमाण मांगेगी। मौके पर प्रमाण नहीं दिखाने पर पुलिस वाहन से स्टीकर निकालेगी। साथ ही सौ रुपये का चालान भी थमा देेगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
उधर, आदेशों का पालन करते हुए दुगड्डा पुलिस ने फर्जी रूप से लिखे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को दुगड्डा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुगड्डा बैरियर पर वाहनों में अवैध तरीके से लगाए गए आर्मी, पुलिस, प्रेस, ग्राम प्रधान व एडवोकेट आदि के स्टीकर लगाए गए वाहनों के कागजातों की जांच की गई। दोपहिया वाहनों में लगाए गए स्टीकर फर्जी पाए गए।
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traffic
- फोटो : अमर उजाला
वाहनों की जांच कर रहे पुलिस रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने वाहन चालकों से वास्तविक जानकारी मांगी, लेकिन वाहन चालक संबंधित मामले के प्रपत्र उपलब्ध कराने में असमर्थ रहे।
उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि किसी भी निजी अथवा व्यवसायिक वाहन में अवैध तरीके से लोगो लगाना उपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों में फर्जी तरीके से लगाए गए लोगो व पट्टियों पर प्रतिबंध लगाया है। बताया कि फर्जी रूप से स्टीकर लगे हुए 21 वाहनों का चालान कर 2900 रुपये अर्थदंड वसूला गया है।