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जय हिंद: चेहरे पर मुस्कान, दिलों में जज्बा...देश पर मर मिटने को तैयार जांबाज...POP की देखें ये 10 खास तस्वीरें

Sat, 08 Jun 2024 06:02 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
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आईएमए पीओपी 2024 - फोटो : अमर उजाला

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पासआउट होकर 355 युवा भारतीय सेना में अफसर बन गए। इस दौरान मित्र राष्ट्रों के 39 कैडेट भी पास आउट होकर अपने देश की सेना में अफसर बन गए। पासिंग आउट परेड में युवा अफसरों का हौसला देखते ही बन रहा था।

 
आईएमए में 154वें नियमित और 137वें तकनीकी ग्रेजुएट कोर्स की पीओपी शनिवार सुबह आईएमए में हुई। कैडेट चैडवुड ड्रिल स्क्वायर पर कदम ताल करते आए तो सामने दर्शक दीर्घा में बैठे परिजनों ने उनकी हौसला अफजाई की। आईएमए से कसम परेड के बाद सेना में बतौर लेफ्टिनेंट सेवा का पहला कदम यहां से भरकर निकले।

आईएमए से पास आउट होने वाले कुल 394 कैडेटों में 39 विदेशी कैडेट थे। 355 भारतीय कैडेट सेना की अलग-अलग कोर से जुड़कर देश के हर कोने में सेवा देने के लिए जांएगे। परेड की सलामी उत्तरी कमांड के जीओसी ले. जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार ने ली। इस दौरान आईएमए के कमांडेंट ले. जनरल संदीप जैन, डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल आलोक नरेश भी साथ रहे।

 
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आईएमए पीओपी 2024 - फोटो : अमर उजाला

पीओपी में उत्तरप्रदेश के आगरा निवासी प्रवीण सिंह ने आईएमए के दो श्रेष्ठ खिताब जीते तो उनके चेहरे की चमक दोगुनी हो गई। प्रवीण ने सर्वश्रेष्ठ पदक स्वॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ दूसरे नंबर के पदक गोल्ड मेडल पर भी कब्जा जमाया।

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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
प्रवीण ने बताया, उनके पिता कारोबारी और माता गृहिणी हैं। बचपन से उन्हें सेना में अफसर बनकर देश के लिए कुछ करने का सपना था। इसकी तैयारी उन्होंने छोटी कक्षा से ही शुरू कर दी थी।

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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
छठवीं कक्षा में राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुर में प्रवेश लेने के बाद वहां से पासआउट हुए तो उनका चयन एनडीए में हुआ। एनडीए में तीन साल के प्रशिक्षण के बाद एक साल पहले आईएमए में उन्होंने कड़ी मेहनत की। प्रवीण सिंह सेना में तृतीय सिखलाई बटालियन में कमीशंड हुए हैं।
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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
आईएमए से पासआउट होकर देश की सेवा में आए कैडेट्स में इस बार भी उत्तराखंड का बोलबाला रहा। कुल चार पदक विजेताओं की सूची में तीन नाम उत्तराखंड के रहे। इनमें भी दो कैडेट्स पिथौरागढ़ जनपद के रहने वाले हैं। सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट्स का अवार्ड इस बार पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के कैडेट को प्रदान किया गया।
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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
इन्हें मिला पुरस्कार
स्वार्ड आफ आनर व स्वर्ण पदक- प्रवीण सिंह आगरा उप्र
रजत पदक- मोहित कापड़ी पिथौरागढ़, उत्तराखंड
रजत पदक टीजी - विनय भंडारी पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड
कांस्य पदक -शौर्य भट्ट पिथौरागढ़, उत्तराखंड
चीफ आफ आर्मी स्टाफ बैनर-कोहिमा कंपनी
सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट- मोहम्मद नूर कुतुब उल आलम बांग्लादेश
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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान आफिसर कैडेट को संबोधित करते सेना के उत्तरी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेंद्र कुमार ने अपने भाषण से युवा सैन्य अधिकारियों में जोश भरा। उन्होंने कहा, तकनीकी प्रगति के बीच युद्ध की प्रकृति भी तेजी से बदल रही है।

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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, साइबर और सूचना क्षेत्रों में प्रगति, पारंपरिक उपकरणों की क्षमताओं में प्रगति, लगातार युद्ध का परिदृष्य बदल रही है। यह अधिक जटिल, संघर्षपूर्ण और घातक है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना तैयार है और हमें भी तैयार होना होगा।

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आईएमए पीओपी देहरादून 2024 - फोटो : अमर उजाला
लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेंद्र कुमार ने कहा, यह कहावत भी याद रखें कि मशीन के पीछे का व्यक्ति ही सबसे ज्यादा मायने रखता है। शारीरिक फिटनेस, मानसिक चपलता, तार्किक सोच, तकनीकी कौशल और खुद को परिस्थिति के अनुसार ढालने की क्षमता ही आपकी सफलता तय करेगी।

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पीओपी के बाद अपने छोटे भांजे के साथ खुशी जाहिर करते सेना में अधिकारी बने जम्मू कश्मीर के अजीत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
कैडेटों को बधाई देते उन्होंने कहा, यह वह क्षण है जो जीवनकाल में एक बार ही आता है। आपके भविष्य में किए जाने वाले प्रयासों के लिए भी यह प्रेरणा बनेगा। भारतीय सेना को अपने सैनिकों पर गर्व है। विश्व में सर्वश्रेष्ठ इन सैनिकों के पास युद्ध से प्राप्त ज्ञान और कई वर्षों का आपरेशनल अनुभव है। कैडेटों को उत्कृष्ट ड्रिल के लिए बधाई देते उन्होंने कहा, यह उनके कठोर परिश्रम और कड़े प्रशिक्षण का प्रतिबिम्ब है। मैं सेना की ओर से सभी 355 युवा सैन्य अधिकारियों का स्वागत करता हूं।
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