रानीखेत के मासी निवासी करन सिंह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जो सेना में है। करन के पिता जहां सूबेदार मेजर हैं, वहीं दादा हवलदार थे। बेटे के अफसर बनने से परिवार के लोग काफी खुश हैं। बैरकपुर कोलकाता स्थित आर्मी स्कूल से 12वीं की परीक्षा के बाद उन्होंने एनडीए की परीक्षा दी। जिसके बाद आज वह लेफ्टिनेंट बनकर निकले। करन बताते हैं कि दादा नंदन सिंह हवलदार थे, जबकि पिता सुंदर सिंह सूबेदार मेजर हैं। कहते हैं कि बचपन से ही पिता की वर्दी प्रभावित करती थी। घरवालों से कहता था कि मैं भी बड़ा होकर सेना में अफसर बनूंगा। आज वह सपना पूरा हो गया।