जिन मेधावियों का चयन देश के सर्वमान्य इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में हुआ है, उन्हें सरकार की योजना के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
उत्तराखंड सरकार ने पुरानी योजना को दोबारा नई रफ्तार दी है। इसके तहत उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक चयनित हुए छात्र-छात्राओं से आवेदन मांगे हैं। जिन छात्रों का चयन हुआ है, वह विवि की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर उसे भरकर विवि में जमा करा सकते हैं।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (आईएसएम), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में सत्र 2013-14, 2014-15 और 2015-16 में चयनित हुए प्रदेश के छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार 50-50 हजार रुपये की ‘प्रोत्साहन धनराशि’ दे रही है। इसके तहत छात्र सीधे तकनीकी विवि में आवेदन कर सकते हैं। चयनितों को यह राशि दी जाएगी।
आवेदन के लिए छात्र को मूल निवास प्रमाण पत्र, जिस संस्थान में एडमिशन हुआ था, वहां का पहचान पत्र, हाईस्कूल के प्रमाण पत्र की कॉपी, जेईई एडवांस और प्रबंधन वालों के लिए कैट एग्जाम का स्कोर कार्ड और रैंक कार्ड, आधार कार्ड देना होगा। इसके साथ ही सभी आवेदकों को एक शपथपत्र भी जमा कराना होगा, जिसमें लिखना होगा कि पूर्व में उन्हें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। यह आवेदन संस्थान के सक्षम अधिकारी (निदेशक/प्राचार्य) के माध्यम से ही किया जाएगा।
पहले आवेदन वालों को करना होगा दोबारा आवेदन
जिन छात्रों ने पहले प्रोत्साहन धनराशि के लिए आवेदन किया था और उन्हें राशि नहीं मिली है, उन्हें अब दोबारा आवेदन करना होगा। उनका पूर्व का आवेदन स्वीकार्य नहीं होगा। संबंधित छात्र चार मार्च की शाम पांच बजे तक आवेदन कर सकते हैं।
रोडवेज बसों के लिए हो विशेष व्यवस्था
रोडवेज कर्मचारी नेता एनडी जोशी ने रोडवेज बसों के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि रोडवेज की बसों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने का समय नियत होता है। बसों के फंसने से न केवल यात्रियों की मुसीबत बढ़ती है, बल्कि बस की वापसी का समय भी गड़बड़ाता है। इसके चलते परिवहन निगम की आय भी प्रभावित होगी।