देश के जिस आईएफएस अफसर संजीव चतुर्वेदी को सबसे कम उम्र 40 साल में कार्यरत रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मेगसेसे पुरस्कार मिला, उसे सीट देने में सरकारें डरती क्यों हैं? आईएफएस संजीव चतुर्वेदी को सवा दो साल से बिना पद दिए पूरा वेतन दिया जा रहा है।
विज्ञापन
2 of 8
Sanjiv chaturvedi
उनकी एसीआर में ‘अनुकरणीय कार्य’, ‘एब्सोल्युट इंटीग्रेटी’ जैसे शब्द लिखे गए, लेकिन काम के लिए सीट देने में सरकारें घबरा जाती हैं। उत्तराखंड में ढाई महीने पहले ज्वाइनिंग और फिर प्रमोशन के बाद वह खाली बैठे हैं।
विज्ञापन
3 of 8
Sanjiv chaturvedi
उत्तराखंड में ज्वाइन करने से पहले संजीव चतुर्वेदी ने दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के लिए प्रदेश सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा था, लेकिन जनवरी और अप्रैल में दिए उनके आवेदन को यह कहकर ठुकरा दिया गया कि पहले वह प्रदेश में आकर सेवाएं दें।
4 of 8
Sanjiv chaturvedi
उन्होंने 29 अगस्त को यहां ज्वाइनिंग दी, लेकिन अभी तक उन्हें कोई कार्य नहीं दिया गया, सिर्फ वेतन दिया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि उनके लिए ऐसी सीट तलाशी जा रही है, जहां कोई अनियमितता निकलने की गुंजाइश न हो।
विज्ञापन
5 of 8
Sanjiv chaturvedi
ऐसी ही स्थिति एम्स के चीफ विजिलेंस अफसर का कार्यकाल पूरा होने पर दिल्ली में हुई। 9 सितंबर को चतुर्वेदी की ओर से सुप्रीमकोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका में कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि चतुर्वेदी को वेतन भुगतान के बावजूद काम क्यों नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
6 of 8
Sanjiv chaturvedi
- फोटो : AmarUjala
चतुर्वेदी ने वर्ष 2012 से 2016 के बीच अपने एम्स सीवीओ के कार्यकाल के दौरान दो सौ घोटाले उजागर किए हैं। इनमें एक आईएएस और एक आईएफएस के खिलाफ आरोप पत्र भी जारी हुआ है। एम्स के आला अफसर सीबीआई जांच में दोषी पाए गए।
विज्ञापन
7 of 8
Sanjiv chaturvedi
इसके पहले वर्ष 2007 से 2012 के हरियाणा में चतुर्वेदी के पांच साल में 12 ट्रांसफर हुए। बाद में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के उन्हें कैडर पोस्ट में रखने संबंधी आदेश के बाद राहत मिली। हरियाणा में चतुर्वेदी ने करोड़ों का फर्जी पौधरोपण का घोटाला खोला, जिसमें 40 अधिकारी, कर्मचारी निलंबित हुए।
जुलाई 2008 में सरस्वती वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार पर एक करोड़ जुर्माना लगाया था। उधर, इस संबंध में वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें जल्दी ही पोस्टिंग दी जाएगी।