हल्द्वानी में भाजपा की परिवर्तन यात्रा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सुनने उमड़ी भीड़ ने सोनिया और राहुल गांधी की रैली को भी पीछे छोड़ दिया। कुमाऊं भर से हजारों की तादाद में पहुंची भीड़ को देखकर भाजपाई गदगद हो गए।
विज्ञापन
2 of 8
Amit Shah in Haldwani
- फोटो : AmarUjala
2007 में इसी एमबी इंटर कॉलेज मैदान में हुई सोनिया गांधी और 2012 में फार्म नंबर तीन में हुई राहुल गांधी की रैली में भी इतनी भीड़ नहीं जुटी थी। यह बात दीगर है कि अमित शाह की रैली में ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों की 15 विधानसभाओं से भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे थे।
विज्ञापन
3 of 8
BJP Parivaratan Yatra rally
- फोटो : AmarUjala
भाजपाइयों का दावा था कि एमबी इंटर कॉलेज मैदान में भीड़ का अनुमान लगाते हुए 12 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन कुर्सियां कम पड़ गईं।
4 of 8
BJP Parivaratan Yatra rally
- फोटो : AmarUjala
बहुतेरी महिलाओं को जमीन पर बैठना पड़ा तो कई कार्यकर्ताओं के लिए कॉलेज परिसर में बनाए गए पंडाल के पर्दे हटाने पड़े। भीड़ का आलम यह था कि लोग सड़कों, घरों की छतों, गैलरियों में खड़े होकर अमित शाह को सुनने लगे।
विज्ञापन
5 of 8
bjp Parivartan Yatra rally in haldwani
- फोटो : AmarUjala
भाजपा का दावा है कि पचास हजार से अधिक लोग अमित शाह को सुनने के लिए आए थे। भाजपा के दावे पर यकीन न भी करें तो इतना तय है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की जनसभाओं के लिए कांग्रेसी इतनी भीड़ नहीं जुटा पाए।
विज्ञापन
6 of 8
BJP Parivaratan Yatra rally
- फोटो : AmarUjala
परिवर्तन यात्रा के समापन अवसर पर एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आई भीड़ के आगे कांग्रेस के अब तक के नेताओं सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी की जनसभाएं फीकी नजर आईं।
विज्ञापन
7 of 8
BJP Parivaratan Yatra rally
- फोटो : AmarUjala
आम लोगों में चर्चा थी कि हल्द्वानी में इससे पहले कभी भी किसी राष्ट्रीय नेता के आने पर इतनी अधिक भीड़ नहीं जुटी। हालांकि 2007 में डॉ. इंदिरा हृदयेश और 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी चुनाव हार गए थे।
सोनिया गांधी डॉ. इंदिरा समेत कुमाऊं के सभी विधानसभा सीटों और राहुल गांधी कालाढूंगी विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे प्रकाश जोशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने यहां आए थे।