अगर आपके पास इतने पैसे नहीं है कि खुद के लिए घर बना सकें। तो चिंता की जरुरत नहीं। ऐसा करने से आपकी परेशानी दूर हो जाएगी।
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केंद्र सरकार की हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम से प्रदेश के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत देशभर में दो करोड़ आवास बनने हैं। उत्तराखंड में भी बड़ी संख्या आवास बनाए जाएंगे, जो मुख्यत: गरीब और आवास विहीन लोगों को दिए जाएंगे। सरकार इसके लिए सब्सिडी और ब्याज दरों में कटौती के आकर्षक ऑफर भी दे रही है।
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PM modi
25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम की घोषणा की थी। इसमें वर्ष 2022 तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आवास विहीन लोगों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। करीब दो करोड़ लोगों को आवास मुहैया कराने की योजना है।
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अपना घर का सपना देख रहे लोगों को केंद्र सरकार ने ब्याज दरों में कटौती का तोहफा भी दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 31 दिसंबर के अपने संबोधन में निम्न और मध्य आय वर्ग के लोगों को हाउसिंग लोन की ब्याज दरों में छूट देने की घोषणा की। साथ ही घर का विस्तार करने वालों को भी योजना में शामिल किया गया।
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ये हैं योजना के मुख्य बिंदु
-नौ लाख रुपये तक के कर्ज पर चार प्रतिशत और 12 लाख तक के लोन पर तीन प्रतिशत की छूट मिलेगी।
-ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना में 33 प्रतिशत अधिक आवास बनेंगे।
-होम लोन की ब्याज दर में भी कमी होगी।
-ग्रामीण क्षेत्रों में नया निर्माण या मरम्मत करवाने वालों को दो लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट।
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योजना के लिए www.pmaymis.gov.in पर आनलाइन आवेदन करना होगा। योजना का लाभ केवल शहरी गरीबों को ही मिलेगा। आवेदक को स्व हस्ताक्षरित घोषणा करनी होगी कि उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम कोई पक्का मकान नहीं है। आवेदन के लिए आधार अनिवार्य है। ग्रामीण आवास योजना के लिए ‘आवास’ मोबाइल एप के जरिये आवेदन किया जा सकता है।
केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ ही राज्य सरकार की जन आवास योजना का लाभ भी लिया जा सकता है। इसके तहत प्रदेश में 35 हजार आवास बनाने की योजना है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रुद्रपुर से योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत आवास विहीन 35 हजार लोगों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि फिलहाल इस योजना पर काम लगभग ठप है।