धर्मसिंधु नामक ग्रंथ में होलिका दहन के लिए तीन चीजों का एक साथ होना बहुत ही शुभ बताया है। साल 2018 की होली में यह तीन संयोग एक साथ पड़ रहे हैं।
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शरद पूर्णिमा
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पंडित सुशांत राज ने बताया कि धर्मसिंधु नामक ग्रंथ के अनुसार होलिका दहन में पूर्णिमा तिथि, प्रदोष काल और भद्रा न लगना बेहद शुभ संकेत लेकर आता है। इस साल होलिका दहन पर ये तीनों संयोग बन रहे हैं। इसलिए इस बार की होली बेहद खास है।
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holika dahan
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एक मार्च बृहस्पतिवार को प्रात: 8.57 मिनट पर पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। दो मार्च को प्रात: 6.18 मिनट तक रहेगी।
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holika dahan
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एक मार्च को प्रात: 8.57 मिनट से शाम 7.40 मिनट तक भद्रा रहेगी। भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता है।