जिस प्रकार नववर्ष शुक्ल पक्ष से प्रारंभ होता है, उसी प्रकार पुरुषोत्तम मास भी शुक्ल पक्ष से प्रारंभ होता है। इस बार पुरुषोत्तम मास 16 मई से शुरू होगा और 13 जून को समाप्त होगा। जहां तक दो महीने चलने वाले ज्येष्ठ मास का सवाल है, यह मास एक मई को शुरु होकर 28 जून तक चलने वाला है। प्रत्येक संवत में बारह महीने पड़ते है। चौथे वर्ष जब पुरुषोत्तम मास आता है, तब एक महीना बढ़कर वर्ष के तेरह महीने हो जाता है। यह वर्ष भी अधिक मास का वर्ष है। प्रत्येक नवसंवत्सर शुक्ल पक्ष से शुरू होता है, उसी प्रकार अधिक मास में भी शुक्ल पक्ष पहले और कृष्ण पक्ष बाद में आते हैं। पुरुषोत्तम मास की विशेषता यह है कि यह मास संक्रांति विहीन है।