हिमाचल की इन सीटों पर उत्तराखंड के नेताओं की नाक का सवाल था। कुछ सीटों पर परिणाम आ चुके है। जिन पर भाजपा अपना कब्जा कर चुकी है, लेकिन कुछ के परिणाम आने अभी बाकी है। जानिए किन नेताओं के लिए था बना था नाक का सवाल...
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prakash pant, subodh uniyal
पूरा हिमाचल प्रदेश का चुनाव ही जिस दिलचस्प ढंग से लड़ा गया है, उसमें विधानसभा की एक-एक सीट का रिजल्ट खास होगा। मगर उत्तराखंड की नजरें तो शिमला और सिरमौर की 14 सीटों पर ही टिकी हुई है। इसकी वजह साफ है।
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prakash pant
दरअसल, अपनी 138 सदस्यीय टीम को उत्तराखंड भाजपा ने इन जिलों की 14 सीटों पर ही झोंका था। इस टीम में तीन मंत्रियों के अलावा कई विधायक और पूर्व विधायक तथा प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी शामिल थे। चूंकि उत्तराखंड से हिमाचल एकदम सटा प्रदेश है, इसलिए जरूरत के हिसाब से पार्टी ने समय-समय पर कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाई भी, लेकिन 138 सदस्य ऐसे थे, जिन्हें पूरे समय हिमाचल में ही व्यस्त रखा गया।
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सुबोध उनियाल
कांग्रेस से बगावत करके भाजपा में आए सुबोध उनियाल पार्टी के रंग में धीरे-धीरे रंगते जा रहे है। सरकार में कैबिनेट मंत्री होते हुए भी संगठन का उन्हें जब जो काम दिया गया उसमें उन्होंने अपना सौ फीसदी दिया। अब हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की ही बात कर ली जाए। पार्टी नेतृत्व ने सुबोध उनियाल के अलावा कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत और राज्य मंत्री धन सिंह रावत को हिमाचल में प्रचार का जिम्मा सौंपा था।
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इनमें से प्रकाश पंत तो कुछ एक दिन हिमाचल में जगह-जगह घूमे भी, लेकिन संगठन महामंत्री जैसी अहम कुर्सी पर रहकर काम कर चुके धन सिंह रावत ने सिर्फ रस्म अदायगी की। इन स्थितियों के बीच, सबसे ज्यादा वाह-वाही बटोरी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने।
उनियाल ने लगातार 20 दिन हिमाचल प्रदेश में रहकर चुनाव प्रचार की बागडोर संभाली। अब यदि हिमाचल में भाजपा जीतती है, तो उत्तराखंड के मंत्रियों में से सुबोध उनियाल के पार्टी संगठन में सबसे ज्यादा नंबर बढ़ने तय हैं।