‘मैं सदमे में हूं। हेलीकॉप्टर का टिकट लेने से लेकर और उड़ान भरने तक मेरे मन में कई तरह के सवाल थे। क्योंकि जो अव्यवस्थाएं मैं देख रहा था उनपर मुझे गुस्सा आ रहा था, लेकिन तब केवल दिमाग में बस यही ख्याल था कि यात्रा करनी है, इसीलिए खुद को शांत कर दिया। ये मेरी पहली केदारनाथ यात्रा थी, इसलिए बहुत उत्सुक था, लेकिन अब जैसे ही हेलीकॉप्टर क्रैश होने की खबर मैंने सुनी मेरे हाथ पांव कुछ पल के लिए सुन हो गए। मैं बहुत डरा हुआ हूं।
केदारनाथ में सुबह हेलीकॉप्टर क्रैश होने से एक घंटे पहले ही ऋषिकेश के सागर बहुगुणा (26) भी अपने चार दोस्तों के साथ दूसरे हेलीकॉप्टर से निकले थे। सुबह केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश होने की खबर के बाद अमर उजाला ने सागर से बात की। बतौर सागर ‘हम रास्ते में थे और मैंने अपने फोन पर बहुत देर बाद ध्यान दिया। मेरी बहन का फोन आया था, उसने मुझसे पूछा कि क्या तुम लैंड कर चुके हो। वो बहुत परेशान थी। मैंने जब उसे बताया कि हां हम लैंड कर चुके हैं, तो उसने पहले राहत की सांस ली। फिर केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश होने की खबर बताई।
मैंने जैसे ही सुना मेरे हाथ पांव सुन हो गए। कुछ एक घंटे का ही फर्क था। हम गुप्तकाशी से निकले थे। मेरे साथ मेरे चारों दोस्त भी हैरान थे। मैंने तुरंत हमारे कुछ जानने वाले यात्रियों को फोन किया, ये जानने के लिए कि क्या वो सुरक्षित हैं। उन लोगों से हम केदारनाथ दर्शन के दौरान ही मिले थे। वे पंजाब के यात्री थे।