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कुंभ मेला 2021: निरंजनी अखाड़े की मणियों की शान बनेंगे मुगल तंबू, राजशाही ठाठ बाट से रहेंगे संत

Mon, 01 Mar 2021 06:58 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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ऐसा होगा निरंजनी अखाड़े का मुगल तंबू - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले धर्मध्जवा फहराने के साथ महाकुंभ का आगाज करने वाला पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ही सबसे पहले पेशवाई निकालेगा। अखाड़ा की भव्य पेशवाई तीन मार्च को एसएमजेएन पीजी कॉलेज से निकाली जाएगी। पेशवाई के अखाड़ा छावनी में प्रवेश करने के साथ 18 मणियां मुगल तंबुओं में रुकेंगी। मुगल तंबू राजशाही ठाठ बाट के प्रतीक हैं। निरंजनी अखाड़ा एकमात्र अखाड़ा है जो इन तंबुओं को लगाता है। तंबुओं को पंजाब और अंबाला से मंगवाया जा रहा है।

पंच परमेश्वर और संतों के नगर प्रवेश के साथ अखाड़ा की मणियों ने एसएमजेएन पीजी कॉलेज में अस्थायी छावनी में डेरा डाला है। अस्थायी छावनी में ही 18 मणियों के टेंट लगे हैं। प्रत्येक टेंट में एक गादीपति और उनके शिष्य रहते हैं। टेंट में ही पूजापाठ और साधना में लीन रहते हैं।श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने बताया कि पेशवाई के साथ संत और मणियां अस्थायी छावनी से अखाड़ा की स्थायी छावनी में पहुंच जाएंगे। मणियों के लिए मायापुर अखाड़ा छावनी परिसर में मुगल तंबू लगाए जाएंगे। एक तंबू का क्षेत्रफल करीब 250 वर्ग फीट होगा। महाकुंभ के पूरे कार्यकाल के दौरान गादीपति इन्हीं में रुकेंगे। गादीपति का कार्यकाल छह साल का होता है। प्रयागराज में चुनाव के बाद इनका चयन होता है। 
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अभी ऐसे तंबुओं में रह रहे संत - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ा में मणियों में गादीपति का सर्वोच्च पद है। गादीपति के अधीन उनके शिष्य रहते हैं। नागा संन्यासियों को इनके निर्देशों का पालन करना होता है।  बता दें कि 27 फरवरी को साधु-संतों ने बैंड बाजे के साथ पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की 52 फीट ऊंची धर्मध्वजा फहराई थी।
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अभी ऐसे तंबुओं में रह रहे संत - फोटो : अमर उजाला
धर्मध्वजा की स्थापना के बाद इसकी रक्षा की जिम्मेदारी नागा संन्यासियों की होती है। निरंजनी अखाड़ा की पेशवाई तीन मार्च को एसएमजेएन पीजी कॉलेज स्थित छावनी से निकाली जाएगी। इस दौरान साधु संतों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। पेशवाई ऐतिहासिक होगी और इसमें उत्तराखंड के लोक संस्कृति की झलक के साथ कोविड बचाव का संदेश भी दिया जाएगा। 

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हरिद्वार कुंभ में आए संत - फोटो : अमर उजाला
वहीं, इस बार कोविड-19 के बीच आयोजित होने जा रहा हरिद्वार महाकुंभ स्वच्छता और सुरक्षा का संदेश देगा। महाकुंभ के लिए मेला प्रशासन ने लोगो जारी कर दिया है। इसे मेला प्रशासन ने अपने डिजाइनरों से तैयार करवाया है।
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हरिद्वार कुंभ में आए संत - फोटो : अमर उजाला
मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कुंभ के लिए कई लोगो तैयार कराए गए थे। आखिर में स्वच्छता और सुरक्षा का संदेश देने वाले लोगो का चयन किया गया है। लोगो में गंगा की लहरों में स्वास्तिक चिह्न के साथ कलश से अमृत की बूंदें छलकती दिख रही हैं। 
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