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हरिद्वार महाकुंभ 2021 : पेशवाई में संतों के रंग निराले, कोई लाइव तो कई सेल्फी वाले, तस्वीरें

Sat, 06 Mar 2021 02:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ों ने पेशवाइयां निकालने के साथ ही महाकुंभ का विधिवत आगाज कर दिया है। देशभर से संतों और नागा संन्यासियों का हुजूम कुंभनगरी पहुंचने लगा है। सनातन धर्म की रक्षा एवं प्रचार-प्रसार के लिए भगवा वस्त्र धारण करने वाले साधु-संत भी जमाने के साथ हाईटेक हैं। तपस्या में लीन रहने वाले नागा संन्यासी भी सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर एक्टिव हैं। पेशवाई में कई बाबा सोशल मीडिया पर लाइव आ रहे हैं तो कई सेल्फी और वीडियो भी बना रहे हैं। वक्त के साथ इंसानों की जरूरतें भी बदल रही हैं। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बगैर आज इंसान अधूरा है। इंटरनेट ने लोगों का दायरा बढ़ाया है। साधु-संत और नागा संन्यासी भी इससे अछूते नहीं हैं। अखाड़ों की पेशवाई में पहुंच रहे कई संत और नागा संन्यासी भी स्मार्टफोन चलाते हैं। बाकायदा सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। फेसबुक, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म पर पेशवाई शुरू होने से लेकर छावनी पहुंचने तक बीच-बीच में लाइव आ रहे हैं। पेशवाई की भव्य झांकियों की फोटो के साथ स्टेटस भी बदल रहे हैं। हाथ में डमरू और त्रिशूल लिए नागा संन्यासी भी कहीं लाइव तो कहीं सेेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। बाबाओं को सेल्फी लेते देख दर्शक हर-हर महादेव के जयकारे लगाकर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। श्रद्धालुओं का जोश देखकर कई बाबा उनके मोबाइल कैमरों के फ्रेम में आकर सेल्फी दे रहे हैं।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज से पहुंचे साधु रामधीर गिरि बताते हैं कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों पर एक्टिव रहते हैं। पेशवाई छावनी में पहुंचने के बाद भी कई बाबा सोशल मीडिया पर अपना वक्त बिता रहे हैं। इसके लिए स्मार्टफोन के साथ पावरबैंक की भी व्यवस्था है। 
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर और महामंडलेश्वरों के सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। वे फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम, यू ट्यूब और ट्विटर पर कुंभ और पेशवाई से जुड़ी झलकियां अपने अनुयायियों के साथ साझा कर रहे हैं। शिष्य पेशवाई की लाइव भी करते हैं।
 

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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि बताते हैं कि समय के साथ बदलाव जरूरी है। इंटरनेट ने जिंदगी को तेज कर दिया है। इसके साथ नहीं चलने वाला पीछे छूट जाता है। अपनी बात अपनों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया सबसे बड़ा माध्यम है।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
कुंभ मेले से पहले हरिद्वार में निकाली जा रही पेशवाई को देखने के लिए बुजुर्ग और महिलाएं ही नहीं युवा भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। पेशवाई में अखाड़ों के जुड़े संत और महंतों से लेकर युवा पीढ़ी में जिज्ञासा पैदा हो रही है। पेशवाई देखने के सड़कों पर उतरने वाले लोग भी यह मानते हैं कि इस तरह के आयोजनों से धर्म संस्कृति को पहचान मिलती है।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
कुंभ के लिए निकाली जा रही पेशवाई जैसे कार्यक्रम धर्म और संस्कृति की छठा को बिखरता है। यह एक ऐसा पर्व है। जिनसे धर्म संस्कृति को जानने का अवसर मिलता है। 
- संजय शर्मा 
हरिद्वार धर्मनगरी है। कुंभ के आयोजन में पेशवाई जैसे कार्यक्रमों को लोगों को अपने बच्चों को जरूर दिखाना चाहिए, ताकि वह भारतीय संस्कृति की परंपरा को जान सकें। 
- सुभाष 
मैंने पहली बार कुंभ मेले की पेशवाई को देखा है। उन्हें देखकर बहुत ही अच्छा लगा है। अब वह कुंभ के अन्य आयोजनों को भी देखेंगी। इससे वह अपने धर्म के बारे में जान सकेंगी। 
- भावना गर्ग
आज युवा वर्ग अपनी संस्कृति को जानने का प्रयास नहीं करता है। कुंभ पर निकाली गई पेशवाई से युवाओं में इन्हें जानने की जिज्ञासा पैदा होती है।  
- पंकज 
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