hameer singh
शहीद हमीर के भाई सुनील का घटना की सूचना के बाद से बुरा हाल है। सुनील ने बताया कि हमीर बुआ की शादी को लेकर बीते वर्ष दिसंबर में घर आए थे। कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण उसकी बटालियन की लोकेशन नहीं मिल रही थी। जिस कारण उसकी छुट्टी बढ़ गई थी। हमीर बीती 3 जून को ड्यूटी पर गए थे। वह 2010 में 12 गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे। शहीद के भाई ने बताया उनका मूलगांव पोखरियाल गांव, तहसील डुंडा, उत्तरकाशी है। करीब चार साल पहले ही वह गुमानीवाला में आकर बसे हैं। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण सहित कई अन्य नेता परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।