वस्तु एवं सेवा कर में कारोबारियों को राहत दी गई है। उन्हें एक महीने की मोहलत दी गई है। जीएसटी से जुड़ी खास खबर...
विज्ञापन
2 of 6
gst
वाणिज्य कर विभाग के अनुसार जीएसटी में कारोबारियों को हर माह हुए कुल कारोबार का लेखा-जोखा देना है। इसमें प्रत्येक लेन देन का इनवायस लगाना भी अनिवार्य किया गया है ताकि खरीदार-विक्रेता के इनवायसों का मिलान कर कुल बिक्री की जांच की जा सके।
विज्ञापन
3 of 6
GST
इधर एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी को लेकर कारोबारियों में संशय बरकरार है। ऑन लाइन पंजीयन, रिटर्न भरने, इनवायस अपलोड करने समेत समूची प्रक्रिया को लेकर संदेह बना हुआ है। केंद्र ने इसको देखते हुए कारोबारियों को राहत दी है।
4 of 6
GST
कारोबारी एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद पूरे माह के कारोबार का विस्तृत ब्योरा देने में एक महीने की रियायत दी गई है। कारोबारी अगस्त में ही जुलाई माह का इनवायस दर इनवायस विवरण देने के लिए बाध्य नहीं है वे सिर्फ कुल कारोबार की रकम भी बता सकते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
gst
वाणिज्य कर विभाग उन्हें इनवायस लगाने के लिए बाध्य नहीं करेगा लेकिन सितंबर की निश्चित तिथि तक उन्हें जुलाई के कारोबार के इनवायस का भी विवरण देना होगा। केंद्र का मानना है कि नया जीएसटी लागू होने में कारोबारियों को रिटर्न भरने में आ रही तकनीकी, व्यवहारिक दिक्कतों को दूर किया जा सके। साथ ही कारोबारी जीएसटी को सरलता से समझ सके।
हल्द्वानी वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर राहुल वर्मा ने बताया कि कारोबारी जुलाई का इनवायस समेत पूरा ब्योरा अगस्त के बजाय सितंबर तक भी दे सकते हैं लेकिन जो व्यापारी अगस्त में देना चाहे तो वह भी ब्योरा दे सकता है।