इसके अलावा सालाना टर्नओवर के हिसाब से जीएसटी दायरे में न आने वाले उन व्यापारियों को राहत दी है। जिन्होंने अपनी स्वेच्छा से जीएसटी में पंजीकरण कराया था। लेकिन जीएसटी में यह प्रावधान था कि पंजीकरण के बाद एक साल तक रद नहीं कर सकते हैं। अब जीएसटी ने एक साल से पहले भी पंजीकरण रद करने की छूट प्रदान की है। इसके साथ ही जीएसटीआर-1, 5 में रिटर्न फाइल करने के लिए विलंब शुल्क को कम कर व्यापारियों के लिए राहत दी है। इस बैठक में आयुक्त राज्य कर सौजन्या, अपर आयुक्त पीयूष कुमार भी उपस्थित रहे।