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100 दिन परेशान करने के बाद अब GST लाया जनता के लिए खुशखबरी

Tue, 10 Oct 2017 08:27 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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gst
100 दिन तक परेशान करने के बाद अब जीएसटी जनता के लिए राहत की खबर लाया है। इस खबर से उत्साह का माहौल है। आप भी पढ़ें...
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modi
केंद्र सरकार ने जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक के बाद नए दरों पर टैक्स वसूली का निर्णय लिया है, जिसे कारोबारी देरी से उठाया गया सही कदम बता रहे हैं। इस समय त्यौहारों का समय है, खासतौर से इसे सोने की खरीद का समय भी माना जाता है और यहां सरकार द्वारा बरती गई उदारता से सुस्त हो चले सेक्टर को तेजी मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा कपड़ों से लेकर विभिन्न खाद्य पदार्थों और एक्सपोर्ट सेक्टर में भी सुधार आने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं। अमर उजाला ने प्रमुख सेक्टर्स का विश्लेषण अपने पैनल से करवाया, इसमें जिस तरह के आकलन सामने आए, उन पर यह विशेष रिपोर्ट।
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demo pic
सोना और आभूषण धनतेरस तक चमकेंगे
बदलाव : 2 लाख रुपये तक के मूल्यवान धातु और रत्नों के आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को पैन नंबर नहीं बताना होगा, मनी लॉड्रिंग एक्ट में 23 अगस्त से यह सीमा 50 हजार रुपये कर दी गई थी।
असर : 123.5 टन सोना भारत ने जनवरी से मार्च 2017 के दौरान आयात किया। यह हर साल 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। वहीं उत्तराखंड में त्यौहारों के सीजन में 125 करोड़ रुपये का सोना बिक जाता है, जिसमें सीधे तौर पर करीब 42 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही थी। ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के सचिव गुरदीप सिंह का कहना है कि निश्चित तौर पर सरकार के इस फैसले से टूट चुके सराफा कारोबार को नई ऊर्जा मिलेगी। धनतेरस तक सोने का कारोबार निश्चित तौर पर चमकेगा।

 

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illegal billing in army canteen
ई-वे बिल अभी खत्म
बदलाव : उत्तराखंड देश के उन कुछ राज्यों में था, जहां के ट्रांसपोटर्स के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था की गई थी। फिलहाल एक नवंबर तक इसकी जरूरत नहीं होगी।
असर : प्रदेश में कारोबारियों के लिए यह एक बाधा बन रहा था, उनका तर्क था कि अभी इसके लिए पिछड़े इलाकों में बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं। हालांकि कंपनी सेक्रेट्री अनुज कुमार अग्रवाल का कहना है कि ई-वे बिल लागू होने से कारोबारियों और ट्रांसपोर्टर्स को कई तरह के झंझटों और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। ट्रांसपोर्ट नगर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल के मुताबिक ई-वे एक नवंबर से लागू होने जा रहा है।

 
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money
नई कंपोजिशन स्कीम से 70 प्रतिशत कारोबारी फायदे में रहेंगे, रिटर्न में भी राहत
बदलाव : इस स्कीम के तहत छोटे व्यापारियों को अपने सालाना टर्नओवर का कुछ प्रतिशत देना होता है, जिससे वे जीएसटी की जटिलताओं से बच जाते थे। सालाना 75 लाख का कारोबार करने वालों कारोबारियों को इसका लाभ मिलता था, अब एक करोड़ तक का कारोबार करने वालों को मिलेगा।
असर : उत्तराखंड कपड़ा कमेटी के महामंत्री गजेंद्र वासन का कहना है कि कंपोजिशन स्कीम की इस योजना से निश्चित तौर पर कारोबारियों की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन सरकार ने अभी तक टैक्स से कोई राहत नहीं दी है।

 
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income tax
रिटर्न दाखिल करने से छूट का मतलब कारोबार पर दे पाएंगे ध्यान
बदलाव : जीएसटी में हर महीने की 10 तारीख तक बिल लगाकर आयकर विभाग को रिटर्न दाखिल करने, 20 तारीख तक खरीद की घोषणा करने और 30 तारीख तक बचे हुए स्टॉक की जानकारी देनी होती थी। यहां भी 1.5 करोड़ का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को हर महीने के बजाय हर तीन महीने में जानकारी देने की छूट दी गई है।
असर : वहीं 1.5 करोड़ का सालाना टर्न ओवर करने वाले कारोबारियों को भी आयकर विभाग के साथ कागजी कार्रवाई से राहत मिलने की वजह से वे बेहतर ढंग से अपना काम कर सकेंगे। ये सभी कारोबारी आयकर विभाग और सीए के चक्कर लगाते हुए अपने कारोबार पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे।

 
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money
ट्रांसपोर्ट में भी छोटे व्यापारियों को राहत
बदलाव : ऐसे कारोबारी जो बिना पंजीकरण काम कर रहे हैं, उन्हें अपने माल की ढुलाई के लिए रिवर्स चार्ज चुकाना पड़ा रहा था। यानी जो माल लेगा, उसी को टैक्स चुकाना होगा, सप्लायर को नहीं। बाहर से मंगवाए माल पर भी वे टैक्स चुका रहे थे। उन्हें सरकार ने राहत दी है।
असर : विशेषज्ञों के अनुसार अपंजीकृत कारोबारियों की संख्या का अनुमान लगाना कठिन है, लेकिन वे बहुत बड़ी संख्या में हैं। सरकार इन सभी को टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास कर रही है। लेकिन माल ढुलाई पर उन्हें रिवर्स टैक्स से छूट मिलने पर वे बड़ी राहत महसूस करेंगे।

रिपोर्ट स्रोत : एसोचैम, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल, फिक्की, स्मार्ट सिटी स्टडी रिपोर्ट
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