चकराता क्षेत्र के उदांवा गांव से सात किलोमीटर दूर स्थित दसऊ गांव के लिए चली एक बरात ने चार घंटे में पैदल सफर तय किया। दरअसल, दोनों गांवों के बीच सड़क की सुविधा नहीं है। इस कारण लोगों को पैदल ही रास्ता नापना पड़ता है।
उदांवा गांव निवासी वीर सिंह चौहान के पुत्र प्रीतम का विवाह ग्राम दसऊ में तय हुआ था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बरात बृहस्पतिवार को उदांवा से पैदल चली। दूल्हा, उसके परिजन, साथी, नाते-रिश्तेदार पहाड़ की दुर्गम व खतरनाक पगडंडियों से होते हुए सात किलोमीटर का सफर तय करके दसऊ पहुंचे। पैदल चढ़ाई नापते-नापते बरातियों के साथ दूल्हे के भी पसीने छूट गए।
बता दें कि उदांवा गांव अभी तक मोटरमार्ग से नहीं जुड़ पाया है। गांव के स्याणा धन सिंह चौहान, दूल्हे के पिता वीर सिंह चौहान, समाज सेवी राकेश कंडमानी ने बताया कि सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को आए दिन जूझना पड़ता है। बीमारी की स्थिति में उनके पास डंडी-कंडी के सहारे रोगियों को सड़कों तक लाने के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं होता है। गांव को मोटरमार्ग से जोड़ने के लिए स्थानीय ग्रामीण वन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सैकड़ों बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक यह संभव नहीं हो पाया है।