दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सरकार ने सौगात दी है। सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया है। जानिए आपको कितना फायदा होने वाला है।
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प्रदेश सरकार ने करीब तीन लाख कर्मचारियों व पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता चार फीसदी से बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया है। महंगाई भत्ते का लाभ अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी अनुमन्य किया गया है। इससे हर महीने 12 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किए।
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सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों व प्रभारी सचिवों को जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय सेवा, स्थानीय निकाय, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान, राजकीय विवि, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के उन समस्त कर्मचारियों का महंगाई भत्ता चार फीसदी से बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया गया है, जिन्हें सातवां पुनरीक्षित वेतनमान अनुमन्य किया गया है।
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एक जुलाई 2017 से सितंबर 2017 तक की डीए की राशि उनके भविष्य निधि के खाते में जमा हो जाएगी। एक अक्तूबर 2017 से उन्हें नगद भुगतान होगा। लेकिन अंशदान पेंशन योजना से आच्छादित कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के एरियर का 10 प्रतिशत पेंशन अंशदान में तथा उतनी ही धनराशि नियोक्ता के अंश के साथ पेंशन योजना से संबंधित खाते में जमा होगी।
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उन्हें शेष धनराशि का नगद भुगतान उनके नवंबर माह से वेतन में जारी होगा। शासनादेश में उल्लेख है कि निकायों व उपक्रमों की वित्त स्थिति के आधार पर उनके कार्मिकों को महंगाई भत्ता अनुमन्य किया गया है। इस संबंध में सार्वजनिक उद्यम विकास विभाग व शहरी विकास विभाग अपने स्तर पर निर्णय ले सकते हैं।
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पेंशन
शासन ने राज्य सरकार के एक जनवरी 2016 से पुनरीक्षित पेंशन प्राप्त करने वाले सिविल व पारिवारिक पेंशनरों को भी महंगाई राहत की स्वीकृति प्रदान की है। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, पेंशनरों को अब चार प्रतिशत के स्थान पर एक जुलाई 2017 से पांच प्रतिशत की दर से महंगाई राहत अनुमन्य की गई है।
इसका लाभ शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के ऐसे शैक्षिक व शिक्षणेत्तर पेंशनरों को भी मिलेगा, जिन्हें शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन या पारिवारिक पेंशन दी जा रही है। लेकिन ये आदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों, स्थानीय निकायों व सार्वजनिक उपक्रम आदि के सिविल व पारिवारिक पेंशनरों पर लागू नहीं होंगे। उनके लिए अलग से आदेश जारी होंगे।