फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

GST में हुए इस बदलाव के बारे में जानकर दिल खुश हो जाएगा, मुश्किलें होंगी आसान

Mon, 26 Feb 2018 06:18 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
1 of 7
happy man
जीएसटी के बारे में यह खबर पढ़कर दिल खुश हो जाएगा। आगे जानिए...
विज्ञापन

2 of 7
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में रिटर्न की गुणा गणित को सरल करने के लिए राज्य कर विभाग ने पहल की है। पहली बार रिटर्न 3 बी में संशोधन किया गया है। अब रिटर्न में नगद बहीखाता, इनपुट टैक्स क्लेम (आईटीसी) का विवरण भी रिटर्न जमा करते समय करदाता को दिखाई देगा। कर का मूल्यांकन करने में भी पोर्टल मददगार होगा। यह सुविधा शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

3 of 7
जीएसटी - फोटो : अमर उजाला
जीएसटी में मुख्य रिटर्न 3 बी है। इस रिटर्न में व्यापारी को खरीद-फरोख्त का समूचा ब्योरा देना होता है। पूर्व में जीएसटी में रिटर्न भरना बेहद जटिल होता था। अलग-अलग प्रोफार्मा में विवरण देना फिर जोड़-घटा कर शुद्ध देय कर की गणना करने में काफी माथापच्ची होती थी।

4 of 7
बैंक अकाउंट
यही रिटर्न वास्तविक बिक्री का विवरण होता है। जीएसटी ने पहली बार रिटर्न 3 बी में संशोधन किया है। अब रिटर्न खोलते ही नगद बहीखाता, इलेक्ट्रॉनिक बहीखाता होती है। नए रिटर्न में व्यापारी जैसे जैसे टर्नओवर का विवरण भरता जाता है, वैसे-वैसे पोर्टल खुद ब खुद सीजीएसटी, आईजीएसटी की गणना करने लगता है।
विज्ञापन

5 of 7
online
बाद में नगद बहीखाता, बाहरी प्रदेशों से की गई खरीद पर मिलने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट को घटाने के बाद शुद्ध देय कर की भी गणना करता है। पोर्टल में ही विकल्प है कि 10 हजार तक का नगद, इससे अधिक पर ई बैंकिंग से कर जमा कर सकते हैं। इस रिटर्न में यह सुविधा भी है कि नगद बहीखाता, आईटीसी वगैरह का विवरण भी करदाता को कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखता है। इससे रिटर्न भरने में सुविधा होती है। यह रिटर्न इस हफ्ते लागू कर दिया गया है।
विज्ञापन

6 of 7
GST BILL
जीएसटी में मुख्य रिटर्न 3 बी है, व्यापारियों की सुविधा के लिए संशोधन किया गया है। इससे आईटीसी, नगद बहीखाता का ब्योरा करदाता के सामने होगा और कर की गणना में सुविधा मिलेगी।
- वीपी ओझा, सहायक आयुक्त, राज्य कर।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
3 बी रिटर्न के सरलीकरण किया जाना अच्छी पहल है। पेशेवरों को कर की गणना में ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी होगी।
- सुमित गुप्ता, अध्यक्ष सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन हल्द्वानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें