जीरो फिगर के चक्कर में लड़कियों का क्या हाल हो गया है ये चौंकाने वाली बात देहरादून के एमकेपी पीजी कॉलेज में रक्तदान के पहले किए गए चेक अप में सामने आई। ज्यादातर लड़कियों के साथ एक ही समस्या थी।
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blood donation in mkp
- फोटो : AmarUjala
शिविर में यूं तो 200 से अधिक छात्राएं रक्तदान करने आईं, लेकिन इनमें से ज्यादातर छात्राएं कम वजन की वजह से रिजेक्ट हो गईं। 20 से अधिक छात्राओं का वजन तो 30 से 35 किलो के बीच था।
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कॉलेज की वरिष्ठ शिक्षिका डॉ. गीता बलोदी ने बताया कि कई दिन से छात्राएं रक्तदान के प्रति उत्साहित थीं। वह रक्तदान करने आईं, लेकिन नहीं कर पाई। दरअसल, इनमें से 20 से अधिक छात्राएं तो 30 से 35 किलो वजन के बीच की थीं।
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वहीं 30 से अधिक छात्राओं का वजन 35 से 40 किलो तक था। इसके अलावा भी अधिकतर छात्राओं में हीमोग्लोबिन की भारी कमी पाई गई और वह रक्तदान नहीं कर पाईं।
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इसके पीछे छात्राओं के स्लिम ट्रिम रहने के लिए संतुलित खानपान को वजह बताया जा रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि छात्राओं को खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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ताजे फल और सब्जियां खाएं। खासकर हरी सब्जियां काफी फायदेमंद होती हैं। मौसमी फल भी अनिवार्य तौर पर खाना शुरू कर देना चाहिए। वजन ज्यादा कम हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।