जाको राखे साईयां, मार सके न कोय... यह वाक्य भड़कोट वाहन हादसे से सकुशल बची एक वर्ष की वंशिका पर सटीक बैठती है। हादसे में बच्ची को खरोंच तक नहीं आई है, जबकि दुर्घटना में बच्ची की मां और दादा की मौत हो गई है। बनकोट निवासी संदीप सिंह की पत्नी कृष्णा देवी व पिता पुलम सिंह एक वर्ष की वंशिका को लेकर चिन्यालीसौड़ जा रहे थे। जहां सुकन्या समृद्धि योजना के तहत वंशिका का बैंक खाता खुलवाया जाना था, लेकिन काल के कुचक्र ने ऐसा फेर रचा कि भड़कोट बैंड के निकट उनका वाहन खाई में जा गिरा।