फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...जब बर्फीली वादियों में जवानों को देख आईएएस पर भड़के जॉर्ज, विरोध के बाद भी दिलाया स्नो स्कूटर

Wed, 30 Jan 2019 08:55 AM IST
अलका त्यागी अंकित कुमार गर्ग/अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
1 of 6
George Fernandes - फोटो : pti
पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस सीमा पर तैनात सेना के जवानों को लेकर बेहद संवेदनशील थे। उन्होंने ही आईएएस लॉबी के विरोध के बावजूद न केवल कारगिल में तैनात जवानों के लिए स्नो स्कूटर की वकालत की, बल्कि बाद में जवानों को उपलब्ध भी कराए।
विज्ञापन

2 of 6
George Fernandes - फोटो : pti
जॉर्ज फर्नांडीस ने खुद डॉ. एसके कौशिक के साथ बातचीत करते हुए इसका खुलासा किया था। चिकित्सक डॉ. कौशिक ने पुरानी बातों को याद करते हुए बताया कि जॉर्ज फर्नांडीस हर छोटे से छोटे व्यक्ति के प्रति संवेदनशील थे।
विज्ञापन

3 of 6
George Fernandes in roorkee
साथ ही सेना के जवान बर्फीली पहाड़ियों पर किस चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दुश्मनों से मुकाबला करते हैं, इसका जिक्र हमेशा करते रहते थे। उन्होंने बताया कि एक बार जब वे दिल्ली में उनके आवास पर पहुंचे तो पूर्व रक्षा मंत्री ने दिलचस्प बात बताई।

4 of 6
George Fernandes in roorkee
उन्होंने बताया कि कारगिल में तैनात जवानों के लिए स्नो स्कूटर खरीदने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उनके इस प्रस्ताव पर तीन आईएएस अफसर ज्यादा सहमत नहीं थे, इनका कहना था कि जवानों को सुविधाओं से दूर रखना चाहिए।
विज्ञापन

5 of 6
George Fernandes in roorkee
इस पर जॉर्ज फर्नांडीस ने आईएएस अफसरों को कहा कि पांच-सात दिन कारगिल में रहकर आओ, इसके बाद जो अनुभव होगा, उसके आधार पर निर्णय देना। आखिरकार बाद में सेना को स्नो स्कूटर देने पर रजामंदी करा ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
डा. सतीश कौशिक
डा. कौशिक ने बताया कि जॉर्ज हर व्यक्ति की तकलीफों के प्रति संवेदनशील थे और छोटी-छोटी बातों को भी अपनी चर्चा में शामिल करते थे। उनकी लेखनी भी उच्च कोटि की थी, जो हर व्यक्ति को भीतर तक छू लेती थी। उन्होंने बताया कि कई बार उनके मन में आया कि जॉर्ज पर किताब लिखूं। अभी तक इस काम को पूरा नहीं कर पाया हूं, लेकिन जल्द ही उनके जीवन पर किताब लिखूंगा।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें