फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Trending Song: मैं पहाड़ों कु रैबासी गीत की धूम...ऐसे आया इंग्लैंड में रह लेखक को आइडिया...पार्ट-2 की तैयारी

Mon, 04 Mar 2024 01:57 PM IST
रेनू सकलानी अजय कुमार, अमर उजाला, उत्तरकाशी
विज्ञापन
1 of 6
मैं पहाड़ो कु रैबासी’ गीत के लेखक देश दीपक नौटियाल और गायक सौरभ मैठाणी - फोटो : अमर उजाला

मैं पहाड़ों कु रैबासी तू दिल्ली रौण वाली...यह गढ़वाली गीत इन दिनों लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। जिसे उत्तरकाशी के ग्राम भेटियारा निवासी देश दीपक नौटियाल ने लिखा है। पेशे से इंजीनियर देश दीपक अब इस गीत का पार्ट टू लाने की तैयारी कर रहे हैं।

इसके अलावा वह देहरादून शहर और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर भी गीत लिख चुके हैं। भेटियारा गांव निवासी देश दीपक नौटियाल (33) वर्तमान में इंग्लैंड के कैंब्रिज स्थित एक मोबाइल चिप डिजाइन करने वाली कंपनी में कार्यरत हैं। देश दीपक ने बताया कि पहाड़ों कु रैबासी गाने का आइडिया उन्हें तब आया जब वह गांव से शहर और विदेश आए।

विज्ञापन

2 of 6
देश दीपक नौटियाल - फोटो : अमर उजाला
उस दौरान उन्हें लगा कि जिस शुद्ध हवा, पानी, स्विमिंग पूल पिकनिक के लिए शहरवासी पैसे खर्च करते हैं, वह तो गांव में फ्री में हैं।
विज्ञापन

3 of 6
गीत पर बन रहे खूब रील - फोटो : Instagram
इस गीत को हिंदी में लिखने की जगह उन्होंने बहुत सरल गढ़वाली में लिखा है। पहाड़ो कु रैबासी का पार्ट टू लाने पर भी काम चल रहा है।

4 of 6
रील - फोटो : Instagram
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी को दिया। गीतकार देश दीपक ने पहाड़ों कु रैबासी गीत को ऊंचाइयां देने के लिए गायक सौरव मैठाणी की सराहना की है।
विज्ञापन

5 of 6
रील - फोटो : Instagram
उन्होंने बताया कि सौरव ने गीत को समझा है और बिल्कुल सरलता से गाया है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand Cabinet: धामी मंत्रिमंडल की बैठक में आए आठ प्रस्ताव, लोक तथा निजी संपत्ति अध्यादेश 2024 पर मुहर
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
गायक सौरभ मैठाणी - फोटो : Instagram
इस गीत का जादू लोगों पर खूब चल रहा है। लगातार वायरल हो रही रील के कारण ये गाना सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें