गोमुख से कुछ पहले ही ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो कूड़ेदान जरूर रखे थे, लेकिन इनमें भी जला कुआ कूड़ा डाला गया था। आग की वजह से एक कूड़ेदान का पेंट तो पूरी तरह मिट चुका था, जबकि दूसरे हिस्से का पेंट भी पिघला हुआ था। आईआईटी रुड़की के छात्रों के दल ने गोमुख, भोजवासा, तपोवन और चीड़बासा क्षेत्र में ट्रैकिंग कर सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान दल को गोमुख के पास पत्थरों के बीच में जगह-जगह कूड़ा जमा मिला।