फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऋषिकेश: डेंजर लाइन से ऊपर पहुंची गंगा, कई बीच कैंप बहे, 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

Sun, 26 Aug 2018 09:37 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
1 of 5
rain in rishikesh
शनिवार को तीर्थनगरी में गंगा उफान पर रही। शाम करीब पांच बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे दर्ज किया गया। शनिवार को गंगा का जलस्तर सुबह चार बजे से ही लगातार बढ़ता चला गया। शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 340 मीटर दर्ज किया गया। सुबह चार बजे नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल 339.50 मीटर को छूकर बह रहा था। जबकि आठ बजे से 11 बजे तक गंगा का जलस्तर 339.65 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर 12 से एक बजे तक नदी का जलस्तर 339.60 दर्ज किया गया। 
विज्ञापन

2 of 5
rain in rishikesh
दोपहर दो बजे जलस्तर 339.68 दर्ज किया गया। इसके बाद तीन बजे 339.85 मीटर और शाम चार बजे 339.95 आंका गया। शाम पांच बजे गंगा का अधिकतम जलस्तर 340 मीटर रहा, जोकि खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे है। गंगा में उफान से नगर क्षेत्र, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला आदि इलाकों में नदी के किनारे बने घाट जलमग्न हो गए। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम को छह बजे जलस्तर 10 सेमी कम हुआ जोकि 339.90 और शाम सात बजे 339.85 मीटर दर्ज किया गया। 
विज्ञापन

3 of 5
rain in rishikesh
शनिवार को हेंवल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिसके चलते मोहनचट्टी, घट्टूगाड़ व रत्तापानी क्षेत्र में हेंवल के किनारे स्थापित कई लोगों के बीच कैंप बह गए। कैंप संचालकों को इसकी जानकारी शनिवार सुबह मिली, इसके बाद उन्होंने नदी के किनारे से अवशेष कैंप ऐहतियातन हटा दिए। रत्तापानी के सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा व मोहनचट्टी में बीच कैंप संचालक कलम सिंह राणा ने बताया कि महादेवसैंण, मोहनचट्टी, घट्टूगाड़ क्षेत्र में कई बीचकैंपों को हेंवल के ऊफान के कारण नुकसान हुआ है। बताया गया कि घट्टूगाड़ भूपेंद्र सिंह राणा के दो,तीन कॉलेट बह गए और एक अन्य अनन्तरम कैंप पानी घुस गया। रत्तापानी में वाइल्ड डैक्स बीचकैंप में भी हेंवल का पानी घुस गया। रत्तापानी निवासी जोगेंद्र सिंह की गोशाला, खेत व घर के आंगन में पानी घुस गया।

4 of 5
rain in dehradun
मौसम विभाग ने कुमाऊं मंडल में अगले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, प्रदेश के अन्य इलाकों में भी भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान लगभग सभी इलाकों में भारी बारिश होगी। विशेषकर कुमाऊं और उससे लगे सीमावर्ती जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों और कुमाऊं के निचले क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
rain in rishikesh
वहीं, सौंग नदी में शुक्रवार देर रात उफान आ गई। जिसके चलते बाढ़ का पानी तटबंध को तोड़कर एक बार फिर गौहरीमाफी गांव में घुस गया। शनिवार सुबह मौके पर पहुंचे एसडीएम ने जेसीबी के माध्यम से तटबंध को दुरुस्त कराया। वहीं, गंगा भी उफान पर है। शाम करीब पांच बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे दर्ज किया गया। सुबह चार बजे नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल 339.50 मीटर को छूकर बह रहा था। इसके अलावा हैंवल नदी में बाढ़ आने से हैंवल घाटी में नदी किनारे बने कुछ कैंप बहने की सूचना है। दूसरी ओर लक्ष्मणझूला-कांडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार तड़के अचानक पहाड़ी से मलबा आ गया, जिसके चलते हाईवे आवाजाही बाधित हो गया। राजमार्ग बंद होने से नीलकंठ यात्रा भी बाधित हो गई। वहीं बैराज-चीला मार्ग पर बीन नदी और घासीराम रपटे में बारिश के चलते उफान आने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रही।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें