गणेश चतुर्थी
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ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार, अमृत चौघड़िया में सुबह 6:10 से 7:44 तक और अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:01 से 12:55 तक मूर्ति स्थापना करना शुभ होगा। बाईं तरफ की सूंड की प्रतिमा लेना ही शास्त्र सम्मत माना गया है। दाईं तरफ की सूंड की प्रतिमा में नियम-कायदों का पालन करना होता है। प्रतिमा हमेशी बैठी हुई मुद्रा में ही लेनी चाहिए। क्योंकि खड़े हुए गणेश को चलायमान माना जाता है।