bilkeshwar temple
श्रीगणेश वास्तव में शिव और पार्वती के मिलन से उत्पन हुए गर्भ पुत्र नहीं हैं। शिव पुराण में पार्वती के जिस मैल का वर्णन है, वह वास्तव में स्त्री के कर्म शक्ति का प्रतीक है। शिवोत्सव के बाद महोत्सव की धूल पार्वती के शरीर पर चढ़ गई थी। उसी धूल ने गणेश का आकार ग्रहण किया। भगवान शिव ने अनजाने में अपने पुत्र गणेश का सिर युद्ध के बाद धड़ से अलग कर दिया था। पार्वती से यह पता चलने पर कि गणेश तो शिव के ही पुत्र हैं, शिव ने हाथी का सिर गणेश के धड़ पर लगाकर उन्हें पुर्नजन्म दिया।