उपनिरीक्षक गगनदीप के बारे में जानकारी पुलिस अधिकारियों से लेनी चाहिए। दारोगा किसी विषय पर बयान देने के लिए अधिकृत नहीं होता है।
पुलिस महकमा अनुशासन की डोर से बंधा हुआ है। दारोगा को बयान के लिए अनावश्यक परेशान करना ठीक नहीं है।
बता दें कि गर्जिया मंदिर के पास भीड़ के चंगुल से प्रेमी युगल को बचाने के बाद उपनिरीक्षक गगनदीप सिंह सुर्खियों में आए थे। देश-विदेश की मीडिया ने दरोगा की कर्तव्यनिष्ठा पर तारीफ के पुल बांधे थे। इसके बाद वह अवकाश पर चले गए थे।
गर्जिया प्रकरण में मुस्लिम युवक को बचाने पर हिट हुए रामनगर कोतवाली के एसआई गगनदीप इन दिनों चार दिन के अवकाश पर हैं।
उनके लिए भ्रामक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है कि वह डरकर अचानक भूमिगत हो गये हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। कोतवाली के एसएसआई राहुल राठी ने बताया कि नौकरी मे छुट्टी जाना आम बात है।
गगनदीप ने कुछ दिन पूर्व ही अवकाश के लिए आवेदन किया था, क्योंकि इन दिनों उनकी बहन विदेश से जसपुर आई है। इस कारण वह परिजनों से मिलने अवकाश पर गए हैं। गगनदीप के खिलाफ उड़ाई जा रही खबरें केवल अफवाह हैं।