नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) में रहे उत्तराखंड के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अब नहीं रहे।
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- फोटो : amar ujala
जाखन निवासी 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुवंश लाल अवस्थी का सोमवार को निधन हो गया। रघुवंश हिप में फ्रेक्चर होने के बाद से पिछले कुछ समय से बिस्तर पर थे। नालापानी स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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- फोटो : amar ujala
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुवंश लाल अवस्थी की बेटी मीनाक्षी सूद ने बताया कि उनके पिता वर्ष 1942-46 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) में थे।
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राष्ट्रीय आंदोलनों के चलते वे कई बार जेल गए। भारत के आजाद होने के बाद 1947 में उन्हें भी जेल से आजादी मिली। मीनाक्षी ने बताया कि कुछ समय से पिता की तबियत सही नहीं थी। करीब 15 दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से घर लाया गया था।
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सोमवार दोपहर अचानक उनकी तबियत खराब हुई और कुछ देर बाद निधन हो गया। उस समय परिवार के सभी लोग मौजूद थे। वह अपने पीछे पत्नी रजिया बेगम, दो बेटियों मीनाक्षी सूद और डा. किरण दवे को छोड़ गए हैं। अवस्थी मूलरूप से उन्नाव के रहने वाले थे।
अक्सर देहरादून उनका आना जाना लगा रहता था। इसके बाद वे दून में ही बस गए। वहीं, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीर सिंह बुदियाल और तहसीलदार सदर मुकेश चंद्र रमोला ने घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये दिए गए हैं।