marriage
तीयां की संकली देवी ने चारों बेटों का विवाह एक साथ करके रवाईं घाटी की परंपरा को जिंदा रखने के साथ ही शादी पर अलग-अलग समय पर होने वाले खर्चे को भी बचाया है। स्व. रामचंद्र बहुगुणा के बड़े बेटे ब्रह्मानंद एवं शर्मानंद ने बताया कि सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा पर उनके चार भाई विशालमणि, नरेश, बृजमोहन एवं सुरेश का सामूहिक विवाह कराया गया।