उत्तराखंड में जल्द ही पांच सौ से ज्यादा आधार कार्ड सेंटर बंद हो गए हैं। इसके चलते पूरे प्रदेश में आधार कार्ड बनवाने का संकट पैदा हो गया है। आगे जानते हैं इसकी बड़ी वजह...
विज्ञापन
2 of 7
डेमो पिक
दरअसल, उत्तराखंड में आधार कार्ड बनाने का मुख्य काम छह सौ से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम किया जा रहा है। लेकिन पांच सौ से अधिक सीएससी कार्ड बनाने में तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 7
aadhar card
वहीं जानकारी के मुताबिक केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय को को इन सेंटरों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थी। प्रत्येक आधार कार्ड बनाने से पहले एजेंसी संचालक को अपने अंगूठे का भी निशान देना होता है, लेकिन कई जगह एजेंसी संचालक विशेष साफ्टवेयर के जरिए इस व्यवस्था को धता बता रहे थे।
4 of 7
aadhar card
आधार बनाते समय दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी आधे अधूरे तरीके से किया जा रहा था। इन शिकायतों के आधार पर प्रदेश में पांच सौ से अधिक सीएससी पर आधार बनाने का काम एक जुलाई से रोक दिया है। वहीं सितंबर से केवल सरकारी सेंटरों पर ही कार्ड बनेंगे।
विज्ञापन
5 of 7
aadhar
एक समाचार पत्र के मुताबिक देहरादून में सीएससी वेलफेयर सोसायटी के प्रमुख अरुण कुमार अरोड़ा के मुताबिक भारत सरकार के इस कदम से प्राइवेट एजेंसी संचालकों का लाखों रुपए का निवेश बरबाद हो गया है। अधिकारी पूछने पर सही जवाब तक नहीं दे पा रहे हैं।
विज्ञापन
6 of 7
क्या आधार कार्ड आपकी नागरिकता का प्रमाण पत्र है?
- फोटो : PTI
बेसिक और जूनियर स्तर पर छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाने में शिक्षा विभाग बेहद सुस्त चाल से चल रहा है। एक साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी अब तक केवल 74 फीसदी छात्रों के ही आधार कार्ड बन पाए हैं।
जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में आधार कार्ड की प्रगति की लिस्ट भी भेजी है। इसमें उत्तराखंड 20 वें नंबर पर है। राज्य में सात लाख 84 हजार 637 में केवल पांच लाख 82 हजार 387 के ही आधार कार्ड बन पाएं हैं।