फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चमत्कारः भारत में मौजूद इस मंदिर में तीन युगों से जल रही है ये ज्वाला

Fri, 02 Dec 2016 04:22 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 8
triyugi narayan temple
कहा जाता है कि भारत में मौजूद इस मंदिर में यह ज्वाला तीन युगों से जल रही है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
विज्ञापन

2 of 8
triyuginarayan temple
इस मंदिर में जल रही अग्नि को साक्षी मानकर भगवान शिव और पार्वती ने विवाह किया था और तब से यह अग्नि इस मंदिर में प्रज्जवलित हो रही है।
विज्ञापन

3 of 8
त्र‌ियुगी नारायण मंद‌िर
त्रियुगी नारायण मंद‌िर में मौजूद अखंड धुन‌ी के चारों ओर भगवान श‌िव ने पार्वती के संग फेरे ल‌िए थे। आज भी इस कुंड में अग्न‌ि को जीव‌ित है। मंद‌िर में प्रसाद रूप में लकड़‌ियां भी चढ़ाई जाती है। श्रद्धालु इस प‌व‌ित्र अग्न‌ि कुंड की राख अपने घर ले जाते हैं। कहते हैं यह राख वैवाह‌िक जीवन में आने वाली सभी परेशान‌ियों को दूर करती है।

4 of 8
त्र‌िर्युगी नारायण
मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हुआ था। रुद्रप्रयाग ज‌िले में मौजूद त्रियुगी नारायण मंदिर में शिव पार्वती का विवाह हुआ था।
विज्ञापन

5 of 8
lord shiva - फोटो : getty images
इस गांव में भगवान व‌िष्‍णु और देवी लक्ष्मी का एक मंद‌िर है, ज‌िसे श‌िव पार्वती के व‌िवाह स्‍थल के रूप में जाना जाता है। इस मंद‌िर के परिसर में ऐसे कई चीजें आज भी मौजूद हैं, ज‌‌िनका संबंध श‌िव-पार्वती के व‌िवाह से माना जाता हैं।
 
विज्ञापन

6 of 8
श‌िव पार्वती व‌िवाह
श‌‌िव-पार्वती के व‌िवाह में भगवान व‌िष्‍णु ने देवी पार्वती के भाई की भूम‌िका न‌िभाई थी। भगवान व‌िष्‍णु ने उन सभी रीत‌ियों को न‌िभाया जो एक भाई अपनी बहन के व‌िवाह में करता है। कहते हैं यहां मौजूद कुंड में स्नान करके भगवान व‌िष्‍णु ने व‌िवाह संस्कार में भाग ल‌िया था।
 
विज्ञापन

7 of 8
श‌िव पार्वती व‌िवाह
कहा जाता है कि भगवान श‌िव और पार्वती व‌िवाह जहां हुआ था वह अब भी मंदिर में मौजूद है। ब्रह्मा जी ने भगवान श‌िव और देवी पार्वती का व‌िवाह करवाया था।
 
विज्ञापन

8 of 8
श‌िव पार्वती - फोटो : shiv parvati
श‌िव पार्वती के व‌िवाह में ब्रह्माजी पुरोह‌ित बने थे। व‌िवाह में शाम‌िल होने पहले ब्रह्माजी ने ज‌िस कुंड में स्‍नान क‌िया था वह ब्रह्मकुंड यहीं है। तीर्थयात्री इस कुंड में स्नान करके ब्रह्माजी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें