martyr manvendra singh family
मानवेंद्र सिंह रावत का शव जैसे ही कविल्ठा गांव पहुंचा, तो परिजन व गांव के हर कोई बिलख उठा। इन सबसे अंजान शहीद का बेटा अनुराग व बेटी जान्हवी कुछ देर यह सब एकटक देखते रहे। कुछ ही देर में दादा के पास जाकर नन्हें बच्चों ने कहा मेरे पापा ऐसे क्यों लेटे हैं। बच्चे के इस सवाल से वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आई, लेकिन मासूम को कोई जवाब नहीं दे पाया।