श्रीनगर में पांच दिवसीय रंग महोत्सव के समापन पर प्रसिद्ध 'नंदा की कथा' नाटक का मंचन कर मां नंदा की कहानी को जीवंत कर दिया।
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बाबुल के घर से ससुराल तक, तस्वीरों में नंदा की कथा
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‘नंदा की कथा’ विश्व प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात पर यात्रा पर आधारित है। इसमें शिव की अर्धांगिनी नंदा के जन्म से विवाह तक की कहानी है। नंदा का जन्म गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में माना जाता है।
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बाबुल के घर से ससुराल तक, तस्वीरों में नंदा की कथा
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गढ़वाल में नंदा राजजात यात्रा बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। नाटक के एक दृश्य में माता-पिता के साथ नंदा।
बाबुल के घर से ससुराल तक, तस्वीरों में नंदा की कथा
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नाटक देख दर्शकों की आंखें नम हो गई। नाटक में नंदा के मंगल स्नान का एक दृश्य।
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बाबुल के घर से ससुराल तक, तस्वीरों में नंदा की कथा
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जब मां नंदा की विदाई का दृश्य आया तो दर्शकों की आंखें भी भर आईं। आज भी जब गढ़वाल में नंदा राजजात यात्रा के दौरान मां नंदा की विदाई होती है तो हजारों लोग एक साथ रो उठते हैं।