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एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में यहां मिले हिम तेंदुओं की मौजूदगी के पुख्ता सबूत

Fri, 04 Dec 2020 12:27 PM IST
अलका त्यागी निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
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हिम तेंदुए की गणना के लिए गई टीम - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के पंडित गोविंद बल्लभ पंत वन्य जीव एवं राष्ट्रीय पार्क स्थित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुओं की मौजूदगी के पुख्ता सबूत मिले हैं। गणना करने वाली टीमों को पार्क की रूपिन और सांकरी रेंज में हिम तेंदुओं का मल और पंजों के निशान मिले हैं। मल को सुरक्षित कर डीएनए टेस्ट के लिए भारतीय वन्य जीवन संस्थान देहरादून भेजा जा रहा है। वहीं, पंजों के निशान भी टीमों ने कैमरे में कैद किए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुओं की मौजूदगी के बारे में भेड़ पालकों ने वन विभाग को कई बार जानकारियां दी हैं, लेकिन अभी तक इनकी गिनती नहीं हो पाई थी। उत्तराखंड में पहली बार दो नवंबर से हिम तेंदुओं की गणना शुरू की गई है। इसमें वन विभाग की वाइल्ड लाइफ विंग के अलावा सिक्योर हिमालय एनजीओ और भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून शामिल हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
हिम तेंदुओं की मौजूदगी का दावा करने वाले भेड़ पालक वाले ग्रामीणों को भी टीम का हिस्सा बनाया गया है। इनकी गणना 25 दिसंबर तक होनी है। उत्तरकाशी जिले के पंडित गोविंद बल्लभ पंत वन्य जीव एवं राष्ट्रीय पार्क के रूपिन, सूपिन और सांकरी रेंज में भी भेड़ पालक हिम तेंदुओं की मौजूदगी का दावा करते आए हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग को पहली बार दो रेंजों में हिम तेंदुओं की मौजूदगी के पुख्ता सबूत मिले हैं। पार्क के उप निदेशक कोमल सिंह ने बताया कि रूपिन रेंज के चांगसिल बुग्याल और हरकी दून के सांकरी रेंज में कई जगह हिम तेंदुओं का मल और पंजों के निशान मिले हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि गणना करने वाली टीमें तीन हजार मीटर से साढ़े पांच हजार मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक जाएंगी और हिम तेंदुओं की मौजूदगी के साक्ष्य एकत्र करेंगी। पहले चरण में वापस लौटी टीमें कुछ दिन आराम करने के बाद दोबारा जाएंगी और 25 दिसंबर तक सभी रेंजों की रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला
हिम तेंदुओं की गणना के लिए रूपिन, सूपिन और सांकरी रेंज को आठ ग्रिडों में बांटा गया है। रूपिन रेंज में दो ग्रिड, सुपिन रेंज में तीन ग्रिड और सांकरी रेंज में तीन ग्रिड बनाए गए हैं। प्रत्येक ग्रिड में दस लोगों की टीम है। सांकरी और रूपिन रेंज की टीम उच्च हिमायली क्षेत्रों से पहले चरण का दौरा कर लौट आई है। जबकि, सुपिन की टीम अभी जखोल के ऊपर देवक्यारा बुग्याल में ठहरी है। रेंज में हिम तेंदुओं के बारे में पूरी जानकारी और तथ्य एकत्र करने के बाद यह टीम लौटेगी।
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