ईपीएफओ एक्ट के तहत कर्मचारी को बेसिक सैलरी प्लस डीए का 12 प्रतिशत पीएफ अकाउंट में जाता है। तो वहीं, कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस डीए का 12 प्रतिशत कंट्रीब्यूट करती है। कंपनी के 12 प्रतिशत कंट्रीब्यूशन में से 3.67 प्रतिशत कर्मचारी के पीएफ अकाउंट में जाता है और बांकी 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन स्कीम में जाता है।