शहरी विकास मंत्री के निर्देश पर नौ मजिस्ट्रेटों और भारी पुलिस बल की मौजदूगी में बृहस्पतिवार को घंटाघर से लेकर आईएसबीटी टर्नर रोड तक जबरदस्त अतिक्रमण महाअभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पूर्व में नगरनिगम, पीडब्ल्यूडी की ओर से चिन्हित किए गए 374 अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया गया।
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- फोटो : amarujala
सुबह छह बजे से शुरू हुए अतिक्रमण अभियान के दौरान घंटाघर, दर्शनलाल चौक, आढ़तबाजार, माजरा समेत कई स्थानों पर भाजपा और व्यापारी नेताओं की अगुवाई में कारोाबारियों, भवन स्वामियों ने अभियान का भारी विरोध किया लेकिन अफसरों ने तमाम विरोधों को नजरअंदाज करते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रखी। अतिक्रमण अभियान देर शाम छह बजे समाप्त हुआ।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सुबह छह बजे घंटाघर से लेकर आईएसबीटी टर्नर रोड तक पूरे इलाके को छह जोन में बांटकर अतिक्रमण अभियान की शुरूआत की गई। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दर्जन भर जेसीबी की मदद से पूरे इलाके में तोड़फोड़ शुरू की गई।
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लेकिन घंटाघर में अभियान शुरू होते ही बवाल हो गया। सत्ताधारी भाजपा के कई नेताओं की अगुवाई में कारोबारियों ने अभियान का विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया। आक्रोशित कारोबारी बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। परिणामस्वरूप मौके पर मौजूद एडीएम (प्रशासन) हरवीर सिंह को अभियान रोकना पड़ा।
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भाजपाई और व्यापारी नेताओं ने मानसून और रमजान का हवाला देकर अभियान रोकने की गुजारिश की लेकिन एडीएम ने शासन, आला अफसरों के आदेशों का हवाला देते हुए तमाम विरोधों को नजरअंदाज कर घंटे भर बाद अभियान फिर शुरू करवा दिया।
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इतना ही नही अतिक्रमण अभियान का दर्शनलाल चौक, अग्रसेन चौक, आढ़त बाजार, सहारनपुर चौक, लालपुर, निरंजनपुर मंडी , माजरा जैसे इलाकों में भी लोगों ने जबरदस्त विरोध किया, लेकिन अफसरों के कड़े रुख और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसी की एक न चली। आखिरकार लगातार 12 घंटे तक चले अतिक्रमण महाअभियान के दौरान घंटाघर से लेकर आईएसबीटी तक 374 आवासीय भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ कर कब्जे हटा दिए गए।
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गनीमत रही कि अतिक्रमण महाअभियान के दौरान पुलिस प्रशासनिक अफसरों को बल का प्रयोग नही करना पड़ा, अफसरों की सूझबूझ से सब कुछ शांतिपूर्वक निपट गया। आशंका जतायी जा रही थी कि अभियान के दौरान अप्रिय स्थिति बन सकती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
दूसरी ओर डीएम एसए मुरुगेशन का कहना है कि प्रस्तावित मॉडल रोड के किनारे स्वत: अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार अनुरोध किया गया था। लेकिन किसी ने भी अतिक्रमण नही हटाया। ऐसे में मजबूरन प्रशासन को अभियान चलाना पड़ा। सभी चिन्हित अतिक्रमण अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। यदि किसी ने भी दोबारा कब्जा करने की कोशिश की तो उनके खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।