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- फोटो : अमर उजाला
इसमें पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल बेरोजगार फार्मासिस्ट, प्रैक्टिशनर हैं। जबकि दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट,सोसायटी, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल,और सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। जबकि तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों द्वारा चुनी गई की गई एजेंसियां शामिल हैं।