ई वे बिल
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वित्त विभाग की ओर से उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम के तहत ई-वे बिल लागू करने की अधिसूचना जारी की गई। अब बाहर से आने वाले माल और उत्तराखंड से दूसरे राज्यों में जाने वाले माल के लिए ई-वे बिल जनरेट करना अनिवार्य होगा। बिना ई-वे बिल के माल ट्रांसपोर्ट करने पर व्यापारियों को पेनल्टी देनी पड़ेगी। राज्य कर विभाग ने ई-वे बिल से संबंधित समस्याओं के लिए देहरादून, हरिद्वार व रुद्रपुर में हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। जिसमें 24 घंटे की सेवा उपलब्ध होगी।