driving licence
वर्तमान व्यवस्था
अभी जो ड्राइवर्स ट्रैक है, उसमें केवल चार तरह रिवर्स गियर में ‘एस’ बनाने, समानांतर पार्किंग, ऊंचाई पर वाहन चढ़ाने और अंग्रेजी में आठ के आकार के ट्रैक पर वाहन चलाने की जांच हो सकती है, जबकि मोबाइल के माध्यम से 20 तरह की जांचें (जैसे-सीट बेल्ट लगाना, ड्राइवर कितनी बार और कैसे ब्रेक लगा रहा है, मोड़ते समय उसकी आंखों का मूवमेंट समेत हर हरकत की जांच हो सकेगी। इस प्रकार सॉफ्टवेयर कैप्चर किए गए डाटा का विश्लेषण करेगा और उसके हिसाब से परीक्षार्थी को अंक मिलेंगे। परीक्षण में पास होने पर ही लाइसेंस जारी होगा। आईडीटीआर देहरादून के अलावा राज्य में हरिद्वार और हल्द्वानी में ड्राइवर्स ट्रैक प्रस्तावित हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसे वहां भी लागू किया जाएगा।