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DL बनवाने जा रहे हैं तो पढ़ लें ये खबर, बदले कई नियम अब नहीं होगी कोई परेशानी

Mon, 29 Jan 2018 08:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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driving licence
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहे हैं तो पहले यह खबर पढ़ लीजिए। इससे आपको कई परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा।
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driving licence
ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाना अब पहले से आसान हो जाएगा। रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथारिटी (आरएलए) अब कम पढ़े-लिखे या अशिक्षित लोगों या कंप्यूटर की जानकारी न रखने वालों की सुविधा के लिए वायस सिस्टम शुरू करने जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन टेस्ट की मंशा से यह सुविधा शुरू की जा रही है।
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मोबाइल फोन
इस सुविधा की शुरुआत के पीछे मकसद यह है कि वायस सिस्टम की मदद से कम पढ़े-लिखे लोग और कंप्यूटर की अधिक जानकारी न रखने वाले भी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाला टेस्ट पास कर सकें। एनआईसी की ओर से वायस सिस्टम साफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरएलए में डीएल बनवाने के लिए कंप्यूटर पर होने वाले ऑनलाइन टेस्ट में यह साफ्टवेयर प्रयोग होगा।

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demo pic
ई-संपर्क केंद्रों पर भी शुरू होगा अप्वाइंटमेंट सिस्टम
ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनाने में सहूलियत के लिए आरएलए ने पिछले दिनों ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट सिस्टम शुरू किया था। इसी कड़ी में अब आरएलए की ओर से ई संपर्क केंद्रों पर भी यह सेवा शुरू की जा रही है। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना नहीं आता, वह अपने नजदीकी ई संपर्क केंद्र पर जाकर डीएल बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। डीएल व आरसी के लिए ई संपर्क केंद्र पर जाकर ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं।
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सौर र‌िक्शा - फोटो : सांकेत‌िक च‌ित्र
ई-रिक्शा के लिए बनेंगे ऑफ लाइन लाइसेंस
यूटी प्रशासन ने ई-रिक्शा पॉलिसी लागू की है। पॉलिसी के मुताबिक शहर में केवल 1500 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड कराए जा सकते हैं। इसके लिए पॉलिसी में शर्त शामिल की गई है। एसटीए ने ई-रिक्शा के लिए 44 मॉडल को मंजूरी दी गई है, लेकिन ई रिक्शा के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में लोगों को दिक्कत हो रही है। वायस सिस्टम शुरू होने से चालक को ई रिक्शा के लिए लाइसेंस बनवाने में आसानी होगी।
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5 Bad car updates
डीलर प्वाइंट पर ही नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन
अब गाड़ी की आरसी बनाने के लिए लोगों को रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब ऑटो डीलर प्वाइंट पर ही गाड़ी (टू व्हीलर व फोर व्हीलर) खरीदते समय रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी की ओर से अगले हफ्ते से डीलर प्वाइंट पर ही आरसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए एक नया साफ्टवेयर बनाया गया है।
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aadhaar
जो गाड़ी डीलर प्वाइंट पर रजिस्टर्ड की जाएगी, उसका पूरा डाटा ऑटामेटिक आरएलए के पास भी अपडेट हो जाएगा। आरसी बनाने के लिए अब आधार कार्ड जरूरी होगा। अभी तक आरएलए वाहन 2 नाम के साफ्टवेयर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन अब डीलर प्वाइंट पर ही लोगों को आरसी देने के लिए आरएलए वाहन 4 नाम का नया साफ्टवेयर यूज किया जाएगा। इस नए साफ्टवेयर में सभी ऑटो डीलर ऑटोमोबाइल कंपनी व एजेंसी मालिकों को जोड़ा गया है, ताकि लोगों को आरसी बनवाने के लिए आरएलए कार्यालय न आना पड़े। शहर में इस समय करीब 60 ऑटो डीलर ऑटोमोबाइल कंपनी व एजेंसी हैं। ऑटो डीलर ही अब आरएलए के नए साफ्टवेयर वाहन 4 पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर व वाहन खरीदने वाले की सभी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करेंगे।

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document verification
इसके बाद ऑटो डीलर ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए ऑटो डीलर ही आरएलए को भुगतान करेंगे। आरसी के लिए डीलर को दो दिन के अंदर आरएलए में गाड़ी के पूरे डॉक्यूटमेंट जमा कराने होंगे। आरएलए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनाकर लोगों को पोस्ट के जरिए घर पहुंचा देगा। अधिकारियों के मुताबिक आरएलए के नए साफ्टवेयर वाहन 4 पर ऑटो डीलर व एजेंसी मालिकों को गाड़ियों की एक्स शो रूम प्राइज और डिस्काउंट के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी, ताकि टैक्स में किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोका जा सके। आम तौर पर अक्सर गाड़ियों पर डिस्काउंट देकर ऑटो डीलर व एजेंसी मालिक टैक्स में हेराफेरी करते है, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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गाड़ियों के डीलर रेडक्रास सोसाइटी से आरसी बनवाने के लिए फाइलें ले सकते हैं, डीलर चाहें तो आरसी फाइल की कीमत गाड़ी की कीमत में जोड़कर वसूल कर सकते हैं। रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए जो रेट घोषित किए हैं, डीलर केवल ग्राहक से आरसी बनाने के लिए वहीं रेट वसूल सकते हैं। फैंसी नंबरों के लिए आरएलए की ई-ऑक्शन में ही भाग लेना होगा।डीलर प्वाइंट पर गाड़ी की रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कस्टमर को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आरएलए में फीस जमा करानी होगी। एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए आरएलए के शहर में अलग-अलग स्थान पर काउंटर खोले गए हैं, जहां हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाए जा सकते हैं।

अगले हफ्ते से डीलर प्वाइंट पर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया जाएगा। साफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है, अब लोगों को आरसी बनवाने के लिए आरएलए आफिस में लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
- अजित बालाजी जोशी, डीसी-आरएलए
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