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ब्रह्मोस की जानकारी लीक करने वाले इंजीनियर ने इसलिए भी किया था फेसबुक का इस्तेमाल, पढ़ें पांच खुलासे

Tue, 09 Oct 2018 11:14 AM IST
मोनू शर्मा/अमर उजाला, रुड़की
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ब्रह्मोस की जानकारी लीक करने के आरोप में फंसे रुड़की के इंजीनियर निशांत अग्रवाल के बारे में ये पांच खुलासे आप नहीं जानते होंगे। बता दें कि रुड़की के नेहरू नगर निवासी डीआरडीओ सीनियर इंजीनियर निशांत अग्रवाल नागपुर में ब्रह्मोस संबंधी तकनीकी और अन्य खुफिया जानकारियों को सोशल मीडिया पर सीआईए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) की एजेंट और पाकिस्तान के हैंडलर को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 
 
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निशांत अग्रवाल न केवल खुफिया जानकारी के लिए फेसबुक का इस्तेमाल करता था, बल्कि पता यह भी चला है कि उसने अपनी जीवन संगिनी की तलाश भी फेसबुक पर ही की थी। बताया गया है कि फेसबुक पर भोपाल की युवती के साथ बातचीत प्रेम में बदली और फिर दोनों ने विवाह कर लिया। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने का निशांत अग्रवाल का लव मैरिज कनेक्शन भी जुड़ा हुआ है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो निशांत अग्रवाल इन सबके अलावा फेसबुक पर भी सक्रिय रहता था। 
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नागपुर में जॉब लगने के बाद उसकी सोशल मीडिया पर भोपाल निवासी एक युवती से जान पहचान हुई थी। दोनों में काफी बातचीत होती थी और दोनों एक-दूसरे से अपनी बातें शेयर करते थे। सोशल मीडिया पर दोनों की हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। करीब सात माह पूर्व दोनों ने लव मैरिज कर ली। शादी के कुछ दिन तक वह अपनी पत्नी के साथ रुड़की में ही रहा। इसके बाद वह नागपुर चला गया। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो कुछ माह पूर्व निशांत अपनी पत्नी के साथ रुड़की अपने घर आया था।

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nishant - फोटो : jagran.com
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार निशांत अग्रवाल ने अपनी इंटर तक की पढ़ाई रुड़की से की थी। इसके बाद वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीटेक करने चला गया था। पढ़ाई में तेज होने के कारण उसने बीटेक में पूरी यूनिवर्सिटी में टॉप किया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी से ही सीधे उसका नागरपुर स्थित डीआरडीओ में सलेक्शन हो गया था। 
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार निशांत अग्रवाल के पिता डॉ. प्रदीप अग्रवाल श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में नौकरी करते थे। लेकिन तबीयत खराब होने के चलते उन्होंने रिटायरमेंट से पहले ही वीआरएस ले लिया था और रुड़की आकर रहने लगे थे। इसके बाद उन्होंने रुड़की में ही प्रैक्टिस की। यहां कुछ दिन प्रैक्टिस करने के बाद वर्तमान में वह मुजफ्फरनगर में किसी मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे हैं।  
 
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चार साल से डीआरडीओ में बतौर सिस्टम इंजीनियर तैनात निशांत अग्रवाल को 2017-18 में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वैज्ञानिक के फेसबुक अकाउंट पर पाकिस्तान की महिलाओं से उसकी दोस्ती के प्रमाण भी मिले हैं। शुरूआती पड़ताल में यह भी पता चला है कि निशांत अग्रवाल फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के हनीट्रैप में फंसकर देश की गोपनीय सूचना दे रहा था।
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