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PICS: अब अपने पैरों से नहीं चलेगा 165 किलो का विदेशी!

Fri, 12 May 2017 05:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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मोटापा और वजन बढ़ना आज की ज‌िंदगी में एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इस समस्या से पहले से ही जूझ रहे 165 क‌िलो के व‌िदेशी की ज‌िंदगी त‌ब और ज्यादा कठ‌िन हो गई जब उसने अपना पैर गवां द‌िया।
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यहां हम बात कर हे हैं 65 वर्ष के दाना क्रिडेर की। लेकिन अब 165 क‌िलो के क्रिडेर अपने पैर पर नहीं बल्क‌ि आर्टिफिसियल पाँव की मदद से चलेंगे। चल‌िए हम आपको बताते हैं ये कैसे हुआ।
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मसूरी में रहने वाले व‌िदेशी क्रिडेर का न्यूरो पैथी की परेशानी की वजह से बाया पाँव काटना पड़ा था। इसके  बाद वे अपने पैरों पर चलने में अससमर्थ थे। वे हमेशा बैसाखी के सहारे ही चलते थे। 

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लेक‌िन इस परेशानी को दूर करने के ल‌िए उन्होंने ह‌िम्मत नहीं हारी। कई जगह पर सर्च करने के बाद भी उनके वजन के कारण उन्हें पैर म‌िलने में द‌िक्कत हो रही थी। 
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उन्होंने देहरादून के नौटियाल कृत्रिम अंग केन्द्र के निदेशक व प्रोस्थैटिस्ट एवं आर्थोटिस्ट डॉ वीके नौटियाल न से संपर्क क‌िया। बकौल डॉ नौट‌ियाल पहले तो उन्हें ये केस काफी पेच‌िदा चला। 
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लेक‌िन उन्होंने भी ह‌िम्मत नहीं हारी और कोश‌िश में जुट गए। उनका कहना है क‌ि वजन की वजह से दाना का इलाज संभव नहीं था। लेक‌िन कृत्रिम पैर के ल‌िए आजकल इतनी हाई क्वाल‌िटी के सामान आ गए हैं क‌ि यह संभव हो पाया।
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क्रिडेर का मानना है क‌ि ऐसा शायद भारत में पहली बार ही हुआ होगा। वजन एक बहुत बड़ी समस्या है। ज‌िसके कारण ही उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा। लेकिन अब इस पैर से वे पहले ही द‌िन चलने फ‌िरने लगे हैं।
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