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Diwali 2017: इस समय भूलकर भी न करें लक्ष्मी-कुबेर की पूजा, होता है अशुभ

Wed, 18 Oct 2017 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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lakshmi pujan
दीपावली पर आपको लक्ष्मी पूजन करना हैं तो इस बात पर जरूर ध्यान दें। इस दिन ऐसा योग बना रहा है जिस समय में पूजा करना अशुभ माना जाता है।


 
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maa lakshmi
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, शाम 5.38 बजे से 8.14 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस समय में दिवाली पूजा करना अशुभ माना जाता है।

 
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maa lakshmi
इस दिन शाम 5.38 बजे से 8.14 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। शाम 7.05 बजे से रात 9 बजे तक वृष लग्न में पूजा करना विशेष शुभप्रद रहेगा। शाम 5.40 बजे से 7.18 बजे तक अमृत की चौघड़िया रहने से इस योग में दीपदान, महालक्ष्मी, गणेश कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन शुभ रहेगा।

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दिवाली विशेष
19 अक्तूबर को प्रात: 7.18 बजे तक  हस्त-नक्षत्र एवं इसके पश्चात चित्रा-नक्षत्र लगेगा। पंडित भगवती प्रसाद थपलियाल के अनुसार दीपावली पर प्रदोष काल से लेकर अर्धरात्रि तक महालक्ष्मी पूजन मंत्र, जप, अनुष्ठान आदि करने का महत्व होता है।
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दिवाली 2017 - फोटो : SELF
इस दिन श्री गणेश जी सहित लक्ष्मी-कुबेर आदि का पूजन करना चाहिए। आचार्य डॉ.सुशांत राज के अनुसार अमावस्या तिथि 18 अक्तूबर को रात्रि 12.10 बजे लगेगी जोकि 19 अक्तूबर को रात 12.32 बजे तक रहेगी। दीपावली पूजन में अमावस्या तिथि, प्रदोष निशीथ और महानिशीथ काल का विशेष महत्व होता है। जो लोग प्रदोष काल में पूजन नहीं कर सकते, वह निशीथ एवं महानिशीथ काल में पूजा कर सकते हैं।
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दीवाली
निशीथ काल रात्रि 8.14 बजे से 10.48 बजे तक रहेगा। निशीथ काल में 9 बजे तक वृष लग्न इसके पश्चात मिथुन लग्न शुभ रहेगा। शाम 7.18 बजे से रात्रि 8.52 बजे तक चर की चौघड़िया शुभ रहेगी। इस अवधि में श्रीसूक्त कनक धारा स्तोत्र और लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहेगा।
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दिवाली
महानिशीथ काल रात्रि 10.48 बजे से 1.22 बजे तक महानिशीथ काल रहेगा। इस समयावधि में रात 11.15 बजे तक मिथुन लग्न मध्यम, इसके पश्चात रात्रि 1.35 बजे तक कर्क लग्न विशेष रूप से प्रशस्त होगा।
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diwali
रात्रि 12.05 बजे से 1.35 बजे तक लाभ की चौघड़िया रहेगी, इस अवधि में श्री महालक्ष्मी एवं काली उपासना यंत्र, मंत्र, तंत्र आदि क्रियाएं, अनुष्ठान, साधनाएं आदि की जाती हैं। रात्रि में चौमुखा घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी सूक्त श्री सूक्त एवं कनक धारा स्तोत्र का पाठ करना शुभ होता है।
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