जिलाधिकारी दीपक रावत ने विकास भवन के दफ्तरों की सुस्ती दूर करने के अगले ही दिन सरकारी स्कूल का रुख किया। डीएम ने शनिवार की सुबह भल्ला इंटर कालेज का औचक निरीक्षण कर कई खामियां पकड़ी।
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कक्षा में शिक्षक किताब के बजाय गाइड से पढ़ाते मिले। शौचालय की व्यवस्था खस्ताहाल और कक्षाओं के पंखे खराब मिले। डीएम ने अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए हिदायत दी कि किसी भी स्कूल में गाइड से पढ़ाई कराई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाधिकारी दीपक रावत भल्ला इंटर कालेज पहुंचकर एक शिक्षक के रोल में आ गए। उन्होंने लैब में पहुंचकर विज्ञान वर्ग के छात्र छात्राओं से सवाल जवाब ही नहीं किए बल्कि छात्रों के सामने उनके शिक्षक की क्लास भी ली।
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डीएम ने हैरत जताई कि किसी भी शिक्षक के पास एनसीईआरटी या एससीईआरटी की किताबें नहीं हैं। उन्होंने शिक्षकों को बताया कि एनसीईआरटी और एसईआरटी की किताबें अच्छी होती हैं।
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हालांकि शिक्षक का कहना था कि सिलेबस में कुछ छूट गया है, इस कारण गाइड से पढ़ाया जा रहा है। इस पर डीएम ने सिलेबस मांगा तो शिक्षक नहीं दे पाए। जिलाधिकारी का कहना था कि गाइड से पढ़ाई होगी तो बच्चे आगे जाकर कंपटीशियन में कैसे भाग लेंगे।
जिलाधिकारी दीपक रावत भल्ला इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो लाइब्रेरी के नाम पर केवल शिलापट लगा देख उनका माथा ठनक गया। पड़ताल में पता चला कि लाइब्रेरी तो यहां बनी ही नहीं। जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यदायी संस्था आरईएस से इसकी पत्रावली तलब कर गहराई से जांच कराई जाएगी।