शाम 6.40 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक समस्त गृहस्थों के लिए सर्वाधसिद्धि योग है। इस समय लक्ष्मी का पूजन किया जाए तो सभी प्रकार के सुखदायी फल प्राप्त होंगे। इस समय को ज्योतिष में प्रदोषकाल कहा गया है। इस समय प्रदोषकाल में वृष लग्र, स्थिर लग्र, चित्रा नक्षत्र, तुला राशि के चंद्र एवं अमृत की चौघड़ियां मिल जाएंगी। यह सभी शुभ मुहूर्त बनाते हैं।