अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्व उत्तराखंड के इस हिल स्टेशन का नाता आत्माओं से भी रहा है। यह हम नहीं कह रहे हैं। यह बात यहां रहने वाले स्थानीय लोगों की जुबान पर अक्सर आ जाती है।
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DFO haunted bungalow in chakrata
हिमालय की चोटियों से घिरा चकराता छावनी क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
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DFO haunted bungalow in chakrata
1860 में ब्रिटीश आर्मी द्वारा छावनी का निमार्ण कराया गया। यह क्षेत्र राजधानी देहरादून के लगभग 100 किमी. दूर है।
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DFO haunted bungalow in chakrata
1888 में यहां देवदार की लड़की से चकराता के डीएफओ के लिए एक बंगला बनाया गया।
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इस बंगले में ब्रिटिश काल के कई अफसर रहे। आज भी यह बंगला उतना ही नया और व्यवस्थित दिखता है।
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लेकिन बाद में इस बंगले में अफसरों ने रहने से मना कर दिया। स्थानीय लोगों द्वारा कहा जाता है कि बंगले में कोई आत्मा रहती है जो कई लोगों ने देखी है। कहा जाता है कि एक परिश्रमी ब्रिटिश आईएफएस अफसर यहां लंबे समय तक रहा।
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माना जाता है कि बंगले में दिखाई देने वाली आत्मा उसी की है। जो बंगले में घूमती दिखाई दी गई है। लेकिन कई लोग इसका खंडन भी करते हैं।
इसके साथ ही इस 'गोरा साहब' की आत्मा के इस बंगले में घूमने की कहानी भी स्थानीय लोगों द्वारा कही जाती रही है। कुछ का कहना है कि उन्होंने रात में बंगले में किसी आत्मा को डेस्क पर काम करते देखा है। (अमर उजाला का इन बातों से कोई संबंध नहीं है)