आषाढ़ मास में शुक्ल पक्ष एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसके बाद से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। पंडित ओम प्रकाश सती ने बताया कि देवशयनी एकादशी इस बार यह 23 जुलाई को है। इस दिन भगवान हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं। चार महीने बाद देवउठान एकादशी के दिन भगवान विष्णु उठेंगे। इस चार महीने के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। चार महीने बाद देवउठान एकादशी से सभी मंगल कार्य शुरू होंगे। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। शुभ मुहूर्त: एकादशी तिथि प्रारंभ: 22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट से शुरू होगी और एकादशी तिथि समाप्त: 23 जुलाई शाम 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी।